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Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
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टिहरी गढ़वाल: हम अपने देश में रहें या ना रहें, लेकिन हमारा देश हम में जिंदा रहना चाहिए। दूसरे देशों में बसे उत्तराखंडी प्रवासियों ने इस मूलमंत्र को अपने जीवन में उतार लिया है। ये उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति और परंपरा के दूत हैं। अपने क्षेत्र के विकास और युवाओं को आगे बढ़ाने में भी विशेष योगदान दे रहे हैं। प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर हम आपको टिहरी के रहने वाले शूरवीर सिंह तोमर के बारे में बताएंगे। वो अपने क्षेत्र के पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने रोजगार के लिए विदेश का रूख किया। बाद में उन्हें देखकर गांव के दूसरे युवाओं ने भी विदेश की राह पकड़ी और अपने परिवार-गांव के लिए तरक्की के द्वार खोले। 65 वर्षीय शूरवीर सिंह थातीकठूड़ बूढ़ा केदार क्षेत्र के रहने वाले हैं। अस्सी के दशक में क्षेत्र में नौकरी मौके कम थे। इसलिए साल 1984-85 में वो जॉब के लिए मॉल्टा चले गए। तब उनकी उम्र करीब 23 साल थी। कुछ साल बाद वो मुंबई लौटकर यहां के होटल एंबेसडर में काम करने लगे। एक बार ओमान के सुल्तान का कुक स्टाफ मुंबई के होटल एंबेसडर में आया। ये लोग शूरवीर के काम से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्हें मस्कट आने का न्योता दे दिया। इस तरह शूरवीर मस्कट चले गए और सुल्तान का किचन संभालने लगे। आगे पढ़िए