पहाड़ के बेमिसाल किसान का शानदार काम... बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रमेश चंद्र जोशी ने अपने खेत में 18.3 फीट का बथुवा का पौधा उगाया है, जिसने उन्हें रातों रात चर्चा में ला दिया। रमेश जोशी का कारनामा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है।
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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Ramesh Chandra joshi uttarakhand: Story of ramesh chandra joshi
Image: Story of ramesh chandra joshi

नैनीताल: पहाड़ के किसान खेती के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। एक ऐसा ही कारनामा नैनीताल के रमेश जोशी ने भी कर दिखाया है। रमेश चंद्र जोशी ने अपने खेत में 18.3 फीट का बथुवा का पौधा उगाया है। जिसने उन्हें रातों रात चर्चा में ला दिया। रमेश जोशी का कारनामा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं, उन्हें बधाईयां दे रहे हैं। रमेश चंद्र जोशी नैनीताल जिले के कोटाबाग स्थित बजूनिया हल्दू क्षेत्र में रहते हैं। वो आईवीआरआई बरेली में कर्मचारी रह चुके हैं। फरवरी 2019 में जॉब से रिटायरमेंट के बाद वो गांव लौट आए और किचन गार्डन में सब्जी उगाने लगे।

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इस दौरान उन्होंने बथुए के पांच पौधे लगाए। जिन्होंने धीरे-धीरे पेड़ का रूप ले लिया। बथुवे के पौधे का ये विशाल आकार देख हर कोई हैरान था। बाद में रमेश चंद्र ने उद्यान विभाग को इसकी सूचना दी। बीते 7 दिसंबर को उद्यान विभाग की टीम पौधे की नपाई के लिए उनके घर पहुंची। जिला उद्यान अधिकारी भावना जोशी ने बताया कि अभी तक उद्यान विभाग के रिकॉर्ड में 16 से 17 फीट के बथुए का पेड़ दर्ज था। जबकि रमेश चंद्र के खेत में उगे बथुए के पेड़ की ऊंचाई 18.3 फीट है। जो कि खुद में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

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बथुए के पेड़ की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। पब्लिक इन्हें देख हैरान है। बथुए के पौधे की लंबाई आमतौर पर 2 से 3 फीट होती है, लेकिन रमेश चंद्र जोशी के घर में उगने वाले बथुए का पौधा 18 फीट से ज्यादा ऊंचा हो गया है। साग के तौर पर इस्तेमाल होने वाले बथुए को गुणों की खान माना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम जेनोंपोडियम एल्बम है। इसकी पत्तियों में विटामिन ए की मात्रा सबसे ज्यादा पाई जाती है। इसके अलावा बथुआ में आयरन, विटामिन बी और, सी के अलावा खनिज लवण प्रचुर मात्रा में होते हैं। विशाल बथुए का पेड़ उगाने वाले रमेश चंद्र की ये उपलब्धि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह पा गई है। बुधवार को उद्यान अधिकारी भावना जोशी और बीजेपी प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट ने उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।