गढ़वाल की इस शिक्षिका को बधाई दें..गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ नाम

अतिथि शि‌क्षिका डा. आशा बिष्ट की कविता को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किये जाने के बाद पौड़ी परिसर समेत सभी जगह खुशी का माहौल है।
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Doctor Asha Bisht: Doctor Asha Bisht Golden Book of World Record
Image: Doctor Asha Bisht Golden Book of World Record

पौड़ी गढ़वाल: केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के हिंदी विभाग में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाली शिक्षिका ने एक बार फिर पौड़ी का नाम रोशन किया है। अतिथि शि‌क्षिका डा. आशा बिष्ट की कविता को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किये जाने के बाद पौड़ी परिसर समेत सभी जगह खुशी का माहौल है। डा. आशा बिष्ट उत्तराखंड से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने वाली वह एकमात्र साहित्यकार हैं। बीते अप्रैल माह में अंर्तराष्ट्रीय संस्था गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने भारत के अर्जुन पुरस्कार विजेताओं पर शोध काव्य प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें पूरे देश के 131 अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों के जीवन पर आधारित विभिन्न रचनाकारों के शोध काव्य चयनित किए गए। इस प्रतियोगिता में केंद्रीय विवि के पौड़ी(बीजीआर) परिसर के हिंदी विभाग में अतिथि शिक्षिका के रुप में कार्यरत डा. आशा बिष्ट ने भी प्रतिभाग किया, उन्होंने प्रसिद्ध स्कूनर खिलाड़ी पंकज आडवाणी पर रचित शोध काव्य रचना भेजी थी जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है। देश व दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आई रचनाओं में उनकी रचना को 26वां स्थान दिया गया, जिसके बाद पौड़ी परिसर समेत पूरे उत्तराखंड वासियो के लिए यह गौरवपूर्ण पल है। पौड़ी परिसर के परिसर निदेशक प्रो. आरएस नेगी ने कहा कि यह हम सभी लोगो के लिए गौरव का विषय है कि हमारे परिसर में सेवारत शिक्षिका ने पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है उनकी पूर्व में भी काफी उपलब्धियां रही है जो अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
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