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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: आपदा को सब कुछ बर्बाद कर देने में ज्यादा समय नहीं लगता। पल भर में आपदा सब कुछ तबाह कर देती है। कुछ ही देर में सब कुछ फिर से शांत हो जाता है जैसे वहां कुछ हुआ ही नहीं था। मगर आपदा के बाद का मंजर देख पाषाण रूपी हृदय भी पिघल जाता है। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा के बाद भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। 7 फरवरी वह काला दिन जिसने कई परिवार के चिराग बुझा दिए हैं। उनके दिल पर क्या बीत रही होगी इसके बारे में हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। पल भर में जल प्रलय ने सैकड़ो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और कई बेकसूर एक तिनके की भांति बह गए। अबतक तपोवन और उसके आसपास के इलाकों से कई शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग लापता हो रखे हैं जिनका पता नहीं लग पाया है