चमोली आपदा: पिता बनने वाले थे हरपाल, घर में थी जश्न की तैयारी..सैलाब में बह गए सारे सपने

घर में बच्चे की किलकारियां गूंजने से पहले ही उठी पिता की अर्थी...चमोली आपदा में लापता हुए हरपाल सिंह का शव हुआ बरामद।
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Chamoli disaster: Chamoli disaster Harpal Singh
Image: Chamoli disaster Harpal Singh

चमोली: आपदा को सब कुछ बर्बाद कर देने में ज्यादा समय नहीं लगता। पल भर में आपदा सब कुछ तबाह कर देती है। कुछ ही देर में सब कुछ फिर से शांत हो जाता है जैसे वहां कुछ हुआ ही नहीं था। मगर आपदा के बाद का मंजर देख पाषाण रूपी हृदय भी पिघल जाता है। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा के बाद भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। 7 फरवरी वह काला दिन जिसने कई परिवार के चिराग बुझा दिए हैं। उनके दिल पर क्या बीत रही होगी इसके बारे में हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। पल भर में जल प्रलय ने सैकड़ो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और कई बेकसूर एक तिनके की भांति बह गए। अबतक तपोवन और उसके आसपास के इलाकों से कई शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग लापता हो रखे हैं जिनका पता नहीं लग पाया है

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उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने से आई आपदा के बाद से नारायण बगड़ ब्लॉक के रतनी गांव के निवासी हरपाल सिंह भी लापता हो गए थे। 33 वर्षीय हरपाल सिंह ऋषि गंगा हाईवे प्रोजेक्ट के अंदर कार्यरत थे और वे आपदा के दिन भी उसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आपदा के बाद से ही उनका पता नहीं लग पाया था। उनके परिवार में एक नई जिंदगी का आगमन होने वाला था। उनकी पत्नी गर्भवती हैं और जल्द ही वे एक बार फिर पिता बनने वाले थे। मगर उससे पहले ही वे आपदा में अपनी जान गंवा बैठे। उनके परिवार को उम्मीद थी कि वे वापस जरूर लौट कर आएंगे मगर बीते रविवार को रेस्क्यू के दौरान उनका शव मिलने के बाद उनके परिजनों के बीच में कोहराम मच गया है और उनके गांव में मातम पसर गया है। आपको बता दें कि हरपाल सिंह की पत्नी गर्भवती हैं और उनका दूसरा बच्चा होने वाला है मगर दूसरे बच्चे के जन्म लेने से पहले ही उसके ऊपर से पिता का साया उठ चुका है।

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ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि अपनी पत्नी की देखभाल के लिए हरपाल सिंह को घर आना था मगर अब उनके घर की खुशियां करुण क्रंदन में बदल चुकी हैं। आपदा ने पल भर में ही उनके घर की सभी खुशियां छीन ली हैं। बता दें कि आपदा में हरपाल सिंह के लापता होने के बाद से ही उनका परिवार बेहद सदमे में था। मगर किसी ने भी उम्मीद नहीं छोड़ी। हर कोई एक दूसरे का ढांढस बढ़ाते हुए कह रहा था कि हरपाल जरूर आएंगे। मगर बीते रविवार को उनके सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया जब उनको यह पता लगा कि हरपाल सिंह का शव बरामद किया गया है और अब वे कभी वापस नहीं आएंगे। रविवार को उनका शव मिलने के बाद से उनके बुजुर्ग माता-पिता और उनकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। हरपाल की मृत्यु के बाद से ही गांव के लोग बेहद सदमे में हैं। हर किसी को बस उनके परिवार की चिंता खाए जा रही है। जन्म लेने से पहले ही उनके बच्चे के सिर के ऊपर से पिता का साया उठ चुका है। मृतक हरपाल सिंह की पत्नी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।