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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चम्पावत: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा किसी से भी छिप नहीं पाई है। आए दिन अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ लापरवाही की जा रही है। जहां एक ओर चिकित्सकों को भगवान का दर्जा मिलता है तो वहीं कुछ चिकित्सकों द्वारा मानवता को लगातार शर्मसार किया जा रहा है। ऐसा ही कुछ चंपावत जिले में देखने को मिला। जिले के सबसे बड़े अस्पताल ने असंवेदनशीलता की सभी हदों को पार कर दिया है। डॉक्टर को साक्षात भगवान का दर्जा दिया जाता है। मगर चंपावत में एक महिला डॉक्टर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है और उसने एक प्रसव पीड़ा से जूझती गर्भवती महिला को बगैर देखे और बिना अस्पताल आए ही फोन पर हायर सेंटर रेफर कर दिया है। जिस महिलाओं के साथ डॉक्टर द्वारा बर्ताव किया गया वह महिला प्रसव पीड़ा के असहनीय दर्द से गुजर रही थी। आगे पढ़िए