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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद अब उत्तराखंड को उसका नया मुख्यमंत्री मिल गया है और अब उत्तराखंड की कमान तीरथ सिंह रावत के कंधों पर सौंप दी गई है। जी हां, छात्र राजनीति से निकले तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड राज्य के शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं और राजनीति में वे भुवन चंद्र खंडूरी के शिष्य माने जाते हैं। छात्र राजनीति में कदम रखने के बाद तीरथ सिंह रावत ने हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव जीता था। जी हां, तीरथ सिंह रावत छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े हुए हैं और राजनीति में काफी अधिक सक्रिय रहे हैं। वहीं गढ़वाल विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड को तीसरा मुख्यमंत्री दिया है। श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय ने इससे पहले रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में दो मुख्यमंत्री दिए थे और अब तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने से गढ़वाल विश्वविद्यालय ने हैट्रिक कर दी है। तीरथ सिंह रावत आरएसएस यानी कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भी काफी करीबी माने जाते हैं और उन्होंने सन 1983 से 1988 तक आरएसएस के प्रचारक के रूप में काफी काम किया है। इस दौरान वे उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में जाकर संघ को मजबूत बनाने के लिए काम करते थे।