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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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हल्द्वानी: उत्तराखंड में सभी दोषियों को उनके किए की बराबर सजा मिल रही है। लंबे समय से चलते आ रहे दुष्कर्म के केसों में दोषी पाए जाने वाले आरोपितों को भी सजा मिल रही है। हल्द्वानी में भी कुछ ऐसा ही दिल दहला देने वाला दुष्कर्म का मामला सामने आया था जहां पर एक सौतेले पिता ने अपनी नाबालिक बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म 2011 में हुआ मगर यह पूरी घटना 2016 में प्रकाश में आई। पीड़िता की खुद की सगी मां ने भी इंसानियत को और सभी रिश्तों को भुला कर अपनी बेटी के इस दर्द में उसका साथ नहीं दिया। इस पूरे मामले में और नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में सौतेले पिता को कोर्ट ने 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 30,000 के जुर्माना की भी सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में पीड़िता की मां को भी दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पोक्सो अर्चना सागर की कोर्ट में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी सौतेले पिता को यह कठोर सजा सुनाई गई है और इसी के साथ ही कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को निर्भया फंड से पीड़िता को 1 लाख की राशि देने के निर्देश दिए हैं।