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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हरिद्वार: स्वर्गाश्रम स्थित औषधि निर्माण शाला को हरिद्वार के सिडकुल में शिफ्ट किए जाने का विरोध कर रहे संत आचार्य निराला की एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई। आचार्य निराला गीता भवन स्वर्गाश्रम स्थित औषधि निर्माण शाला को सिडकुल हरिद्वार में शिफ्ट किए जाने के विरोध में आमरण अनशन पर थे। वो पिछले पांच दिनों से बिना कुछ खाए अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद रात को उन्हें एम्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, लेकिन वो बच नहीं सके। बता दें कि गीता भवन स्वर्गाश्रम स्थित औषधि निर्माण शाला को हरिद्वार सिडकुल में शिफ्ट किया जा रहा है। कर्मचारी इसके विरोध में दो महीने से आंदोलनरत हैं। 59 साल के संत आचार्य निराला भी पिछले पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर पुलिस टीम ने उन्हें ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। आगे पढ़िए