उत्तराखंड में कोरोना का डर..बंद हो सकते हैं स्कूल, नाइट कर्फ्यू पर भी विचार

कोरोना काल की चुनौतियों के बीच नवंबर में चरणबद्ध तरीके से स्कूल खुलने शुरू हो गए थे, लेकिन अब एक बार फिर से स्कूलों पर ताला लगने की नौबत आ गई है। पढ़िए पूरी खबर
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Uttarakhand Night Curfew: Night curfew can be imposed in Uttarakhand
Image: Night curfew can be imposed in Uttarakhand

देहरादून: कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ा है। एक साल से ज्यादा वक्त से पढ़ाई ठप है। ऑनलाइन माध्यम से जैसे-तैसे पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क न आना भी बड़ी समस्या है। पिछले साल स्कूल कई महीने बंद रहे। कोरोना काल में स्कूलों को खोलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन फिर भी सरकार ने इस चुनौती को स्वीकार किया और धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने शुरू कर दिए, हालांकि अब एक बार फिर से स्कूलों पर ताला लगने की नौबत आ गई है। इसकी वजह तो आप जानते ही होंगे। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार एक बार फिर स्कूलों को कुछ समय के लिए बंद करने पर विचार कर रही है। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इनमें स्कूलों को बंद करने का विकल्प भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है जो कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं को छोड़ बाकी कक्षाओं को कुछ समय के लिए बंद किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जो कि मंजूरी के लिए आज होने वाली कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा। इस तरह स्कूल सिर्फ हाईस्कूल और इंटर के छात्रों के लिए खुले रहेंगे। विभाग का मानना है कि बोर्ड परीक्षा होने की वजह से कक्षाएं जारी रखना छात्रहित में होगा। बड़ी उम्र के छात्रों से कोरोना के मानकों का पालन आसानी से कराया जा सकता है। इसलिए बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के लिए स्कूल बंद करने की तैयारी चल रही है। इस बारे में आज होने वाली कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया जा सकता है।
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