देहरादून के लिए घातक हुआ कोरोना..डबल म्यूटेंट वायरस की हुई एंट्री

बीते माह मार्च में दून से दिल्ली में भेजे गए सैंपलों में से 3 में डबल म्यूटेंट, दो में यूके और एक में अन्य वायरस की पुष्टि हुई है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Dehradun coronavirus: Double mutant coronavirus in dehradun
Image: Double mutant coronavirus in dehradun

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना घातक रूप ले चुका है। राज्य सरकार और सभी जगह प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद भी उत्तराखंड में कोरोना थमने का नाम नहीं ले रहा है। खास कर कि देहरादून में हालत बेहद खराब हो रहे हैं और परिस्थिति गंभीर बन रही है। देहरादून में कोरोना की दूसरी लहर के बीच में डबल म्युटेंट वायरस की पुष्टि हुई है। जी हां, यह वायरस दुगनी शक्ति से लोगों के ऊपर आक्रमण करता है और उनको संक्रमित करता है। बता दें कि मार्च महीने में एनसीडीसी दिल्ली में सैंपल भेजे गए थे जिनमें से 3 सैंपल में डबल म्यूटेंट वायरस की पुष्टि हुई। दो में यूके ट्रेन और एक और में अन्य स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। दिल्ली एनसीडीसी ने दून मेडिकल कॉलेज को मेल में यह जानकारी दी है। दून मेडिकल कॉलेज के वीआरडीएल लैब के को इन्वेस्टिगेटर डॉक्टर दीपक जुयाल ने बताया कि मार्च महीने में वायरेंट की जांच के लिए सैंपल भेजे गए थे जिनमें से एक निजी लैब के 3 सैंपल में डबल म्युटेंट वायरस की पुष्टि हुई है जबकि 2 सैंपल में यूके स्ट्रेन और एक में अलग तरह के म्युटेंट की पुष्टि हुई है।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में कोरोना से अब तक 1893 लोगों की मौत..देखिये हर जिले के लेटेस्ट आंकड़े
डबल म्यूटेंट वायरस सामान्य वायरस के मुकाबले तेजी से फैलता है और लोगों को संक्रमित करता है। प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना का कहना है कि विशेषज्ञों के मुताबिक डब्ल म्युटेंट वेरिएंट तेजी से लोगों के बीच में फैलता है और यह अधिक संक्रामक है। मगर इस वायरस से संक्रमित होने वाले मरीज को अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थितियों का कम सामना करना पड़ता है और ज्यादातर मरीज घर पर ही सही हो जाते हैं। मगर ज्यादा संख्या में लोगों के संक्रमित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ता है। ऐसे में उत्तराखंड में डबल म्युटेंट वायरस का आगमन खतरे की निशानी है और अगर यह वायरस का नया प्रकार उत्तराखंड में बढ़ा तो परिस्थितियां गंभीर हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 7 जिलों के 90 इलाकों में फूटा कोरोना बम..यहां भूलकर भी मत जाना
दून मेडिकल कॉलेज में इन दिनों कोरोना के सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते सोमवार को भी कोरोना के सैंपल नहीं लिए जा सके और इसी के साथ में मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में पिछले दिन लिए गए सैंपल की जांच भी नहीं हो पा रही है। आपको बता दें कि दून मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में और अस्पताल के कलेक्शन सेंटर में 2 डॉक्टर और तीन लैब टेक्नीशियन पॉजिटिव पाए गए जिसके बाद दोनों कार्यों को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया था और इस दौरान इन दोनों जगहों पर सैनिटाइजेशन का कार्य किया गया। उत्तराखंड में अब तक 1,26,193 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 102899 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उत्तराखंड में कोरोना के कुल 2160 केस बीते सोमवार को मिले। 24 मरीजों की मृत्यु भी हुई जिसके बाद मृत्यु का आंकड़ा बढ़कर 1892 पहुंच गया है। राज्य में एक्टिव केस 18864 पहुंच गए हैं और 532 मरीज ठीक भी हुए हैं। संक्रमण दर 3.75 और रिकवरी दर 81. 54 पहुंच गई है। बीते सोमवार को राज्य में 28,170 केस नेगेटिव मिले, वहीं 36,023 केस जांच के लिए भेजे गए।