अस्पतालों के बाद अब देहरादून में मोर्चरी भी फुल होने लगी हैं। हालत ये है कि मोर्चरी में लाशें रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Hospital and Morchari full in Dehradun
देहरादून: कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हर तरफ हाहाकार मचा है। उत्तराखंड में भी हालात बिगड़ रहे हैं। प्रदेश के हर हिस्से से डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं, इन्हें देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति किस कदर नाजुक बनी हुई है। ऐसी ही कुछ तस्वीरें देहरादून से आई हैं, यहां अस्पतालों पर भारी दबाव है। टेस्टिंग लैब्स के सामने लोगों की कतारें लगी हैं। यही नहीं अस्पतालों के बाद अब देहरादून में मोर्चरी भी फुल होने लगी हैं। हालत ये है कि मोर्चरी में लाशें रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही। शहर के विभिन्न अस्पतालों में लोगों को सामान्य और आईसीयू बेड नहीं मिल पा रहे हैं। ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की सांसें उखड़ने लगी हैं, लेकिन तीमारदार बेबस होकर आंसू बहाने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे। हालात किस कदर बिगड़ चुके हैं, इसकी एक बानगी राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में देखने को मिली। बुधवार को यहां एक मरीज को इमरजेंसी कक्ष में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नियमानुसार शव को मोर्चरी में रखवाना था, लेकिन वहां जगह ही नहीं बची थी।
ऐसे में अस्पतालकर्मियों को मजबूरन परिजनों को शव को वापस ले जाने के लिए कहना पड़ा। दून मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्ट कराने के लिए लोगों की कतारें लगी हैं। टेस्ट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि यहां लैब के डॉक्टर और टेक्नीशियन समेत पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले थे, जिसके बाद दो दिन के लिए लैब बंद कर दी गई थी। इस दौरान मरीजों की जांच का काम पूरी तरह ठप रहा। मंगलवार को यहां जांच का काम दोबारा शुरू हो गया, हालांकि अस्पतालों पर जांच से लेकर इलाज तक के लिए दबाव बढ़ता ही जा रहा है। दून और कोरोनेशन अस्पताल के अलावा अन्य जांच केंद्रों में जांच कराने वालों की लंबी लाइन लगी रही। बुधवार को सीएम ने भी कोविड केयर सेंटर, दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।