देहरादून: बिना ऑक्सीजन के होने वाला था नासिक जैसा हादसा, मुश्किल से संभले हालात

मंगलवार रात सौ से ज्यादा मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई। लाइनों पर लोड बढ़ा तो ऑक्सीजन की आपूर्ति में दिक्कत होने लगी। जिससे कई मरीजों की सांसें उखड़ने लगी थीं।
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Coronavirus in uttarakhand: Oxygen deficiency in Doon Medical College
Image: Oxygen deficiency in Doon Medical College

देहरादून: कोरोना संक्रमण के दौर में ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की जान जा रही है। महाराष्ट्र के नासिक में टैंकर से ऑक्सीजन लीक होने के चलते देखते ही देखते 22 मरीजों की सांसें उखड़ गईं। अमर उजाला की खबर के मुताबिक मंगलवार रात उत्तराखंड के देहरादून में भी ऐसा ही हादसा होने वाला था। यहां एक साथ कई मरीजों को अचानक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई। इससे ऑक्सीजन लाइन पर प्रेशर बढ़ गया और आपूर्ति में दिक्कत आने लगी। कई मरीजों की जान पर बन आई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समझदारी भरा कदम उठाकर किसी तरह स्थिति संभाल ली। अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वालों से संपर्क किया। ऑक्सीजन प्लांट से लाइन में आपूर्ति सुचारू करने के लिए विशेषज्ञ और अन्य स्टाफ की सक्रियता बढ़ानी पड़ी। इस तरह कड़ी मशक्कत के बाद कहीं जाकर अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान बचाई जा सकी।

देहरादून में इस वक्त कोरोना संक्रमण की क्या स्थिति है, आप जानते ही हैं। यहां कोरोना के 9164 एक्टिव केस हैं। सैकड़ों मरीजों का इलाज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। मंगलवार रात यहां लगभग 100 से अधिक मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई थी। एक साथ कई मरीजों को ऑक्सीजन देने के चलते लाइनों पर लोड बढ़ गया। जिस वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति में दिक्कत होने लगी। ऑक्सीजन न मिलने से कई मरीजों की सांसें उखड़ने लगीं थीं। हालात बेकाबू होने लगे तो मेडिकल स्टाफ ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली फर्म के विशेषज्ञ संचालकों से संपर्क किया। इन विशेषज्ञों ने भी तुरंत रिस्पांस किया। देर रात ऑक्सीजन प्लांट की मुख्य लाइन चेक करने के बाद आपूर्ति बहाल की गई। इस तरह अस्पताल प्रशासन और विशेषज्ञों के सहयोग से समय पर स्थिति संभाल ली गई।