बागेश्वर जिले में इस साल कोरोना से पहली मौत..शिक्षक ने दम तोड़ा

बागेश्वर जिले में इस वर्ष कोरोना से पहली मौत का मामला सामने आया है जहां राजकीय प्राथमिक विद्यालय सौली कौसानी में कार्यरत शिक्षक नीरज पंत कोरोना के खिलाफ जिंदगी की लड़ाई हार गए हैं। पढ़िए पूरी खबर-
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Coronavirus in uttarakhand: Teacher dies of coronavirus in Bageshwar
Image: Teacher dies of coronavirus in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड में कोरोना बेहिसाब बढ़ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर ने राज्य के ऊपर हमला बोल दिया है और सैकड़ों लोग रोजाना संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसी के साथ राज्य में मृत्यु दर का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है और भारी संख्या में संक्रमित मरीज अपनी जान गंवा रहे हैं। मौत का सिलसिला राज्य में बढ़ता ही जा रहा है और लगातार लोग कोरोना के खिलाफ जंग हार रहे हैं। उत्तराखंड में अब तक 2 से ज्यादा मरीज कोरोना के खिलाफ जंग हार चुके हैं। प्रदेश में लगातार इस जानलेवा संक्रमण के कारण लोग दम तोड़ रहे हैं जिस वजह से स्वास्थ्य विभाग की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसी बीच बागेश्वर जिले से एक दुखद खबर सामने आ रही है। मैदानी इलाकों के साथ ही पहाड़ों पर भी कोरोना फैल रहा है और इसी का नतीजा है कि पहाड़ों पर भी लोग इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ रहे हैं और उनकी मृत्यु हो रही है।

यह भी पढ़ें - ये वीडियो देहरादून का है, कोरोना के अगले विस्फोट के लिए इतना ही काफी है...देखिए
बागेश्वर जिले में इस वर्ष कोरोना से पहली मौत का मामला सामने आया है। बागेश्वर जिले में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सौली कौसानी में कार्यरत 42 वर्षीय शिक्षक नीरज पंत कोरोना के खिलाफ जिंदगी की लड़ाई हार गए हैं और उन्होंने दम तोड़ दिया है। बागेश्वर जिले में इस वर्ष कोरोना से पहली मृत्यु हुई है। मृतक शिक्षक नीरज पंत की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पिछले वर्ष बागेश्वर जिले में कोरोना से 16 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी। इस वर्ष बागेश्वर जिले में अब तक कोई भी मृत्यु दर्ज नहीं हुई थी मगर बीता रविवार बागेश्वर जिले के लिए दुखद साबित हुआ और जिले में पहली मृत्यु दर्ज की गई जिसके बाद बागेश्वर जिले में मृत्यु का आंकड़ा 17 पहुंच चुका है। बता दें कि कोरोना की चपेट में आने वाले 42 वर्षीय शिक्षक नीरज पंत कौसानी स्टेजिंग एरिया में ड्यूटी कर रहे थे।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले...2 मिनट में पढ़ लीजिए
18 अप्रैल को कोविड सिम्पटम्स मिलने के बाद उन्होंने आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए अपना सैंपल दिया और 25 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद शिक्षक नीरज पंत ने मुख्य विकास अधिकारी बागेश्वर को खुद के कोरोना पॉजिटिव आने की बात कही और बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी जाने की अनुमति का अनुरोध किया जिसके बाद उनको अनुमति दी गई और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ से एंबुलेंस भेजी गई। मगर इसी बीच उनकी हालत खराब होने पर उनको कोविड अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया मगर वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। बता दें कि कोरोना की चपेट में आने वाले शिक्षक नीरज पंत बागेश्वर के कौसानी स्टेजिंग एरिया में ड्यूटी पर थे। जूनियर शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि शिक्षक नीरज पंत के पास सौली के प्राथमिक विद्यालय के साथ ही बघरी प्राथमिक विद्यालय का भी इंचार्ज था। बागेश्वर जिले में अब तक 1859 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं जिनमें से 1574 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में वर्तमान में 283 एक्टिव केस मौजूद हैं और बागेश्वर जिले में अब तक 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।