उत्तराखंड: शादी से पहले कोरोना पॉजिटिव निकला दूल्हा...वीडियो कॉलिंग पर हुए 7 फेरे

शादी से पहले अल्मोड़ा का उमेश हुआ कोरोना पॉजिटिव, कोसों मील दूर लखनऊ में बैठी मंजू के साथ वर्चुअली लिए 7 फेरे। जूम एप्लिकेशन पर वर और वधु शादी के पवित्र बंधन में बंधे।
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Almora News: Marriage of Coronavirus positive Umesh in Almora
Image: Marriage of Coronavirus positive Umesh in Almora

अल्मोड़ा: कोरोना ने जब से विश्व में दस्तक दी है तब से ही हम सब अपने घरों में सिमट कर रह गए हैं। हम खुद को इस महामारी में ढालने का प्रयास कर रहे हैं और सब कुछ ऑनलाइन करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे रूटीन में वर्चुअल मीटिंग से लेकर वर्चुअल कक्षाएं तक सम्मिलित हो चुकी हैं। मगर क्या आपने कभी ऑनलाइन विवाह के बारे में सुना है? शायद ही ऐसा कभी हुआ हो कि शादी भी मोबाइल के जरिए संपन्न हुई हो। अगर आपने कभी वर्चुअल विवाह के बारे में नहीं सुना तो अब सुन लीजिए। उत्तराखंड में एक विवाह बेहद ही अनोखे तरीके से पूरा हुआ। इस विवाह में न ही ढोल नगाड़े थे और न ही कोई शोरगुल। यहां तक कि दूल्हा-दुल्हन भी एक दूसरे से सैकड़ों मील दूर थे। उत्तराखंड के अल्मोड़ा का दूल्हा और लखनऊ की दुल्हन ने वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे के साथ शादी संपन्न की। जी हां, यह वर्चुअल विवाह हुआ है उत्तराखंड के अल्मोड़ा के उमेश और लखनऊ की मंजू के बीच और फोन के जरिए दोनों ने 7 फेरे लिए और पवित्र बंधन में बंधे। अब जरा इस वर्चुअल विवाह का कारण भी जान लीजिए।

यह भी पढ़ें - बागेश्वर जिले में इस साल कोरोना से पहली मौत..शिक्षक ने दम तोड़ा
दरअसल उमेश और मंजू का विवाह 25 अप्रैल को होना तय हुआ था और दोनों के परिजन विवाह को लेकर खासे उत्साहित थे दोनों की घरों में तैयारियां चल रही थीं। अंत तक सब ठीक रहा मगर दुर्भाग्य से शादी से ठीक पहले ही उमेश की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई जिसके बाद दूल्हे ने खुद को अपने घर में आइसोलेट कर लिया। जब कोई चारा नहीं दिखा तो दोनों परिवारों ने ऑनलाइन विवाह करने की ठानी। लंबे समय से उमेश और मंजू की शादी की तैयारियों में दोनों का परिवार जुटा हुआ था और 25 अप्रैल वह शुभ दिन था जिस दिन दोनों को शादी के बंधन में बंधना था। मगर दुर्भाग्यवश शादी से एक दिन पहले ही उमेश कोरोना पॉजिटिव आ गया और दूल्हे के पॉजिटिव आते ही दोनों परिवारों के बीच में मायूसी छा गई। मगर फिर भी दोनों का विवाह वर्चुअल तरीके से संपन्न हुआ।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले...2 मिनट में पढ़ लीजिए
दरअसल दुल्हन का कहना है उनके यहां यह परंपरा है कि शादी से पहले गणेश पूजा होती है और गणेश पूजा संपन्न होने के बाद शादी टालना अपशकुन माना जाता है और तय तारीख पर ही शादी की जाती। इसी वजह से दोनों परिवारों ने यह तय किया कि उमेश और मंजू का विवाह वर्चुअल तरह से संपन्न किया जाएगा।दोनों के विवाह में शादी की सभी रस्में वहीं रहीं बस जरिया बदल गया और कोसों मील दूर होते हुए भी दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। वर एवं वधु दोनों पक्ष मोबाइल के जरिए एक दूसरे से जुड़े और पुजारी से सारी रस्में करवा कर शादी संपन्न करवाई। मंजू और उमेश दोनों एक-दूसरे से 450 किलोमीटर दूर थे और जूम एप्लीकेशन के जरिए दोनों ने विवाह किया। पुजारी ने मंत्र का पाठ किया और मंजू के गले में उसकी छोटी बहन ने मंगलसूत्र बांधा और उसके सिर पर सिंदूर लगाया। 3 घंटे के बाद दोनों का विवाह वर्चुअली ही सही मगर आधिकारिक तौर पर संपन्न हुआ।