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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड में कोरोनावायरस से हाहाकार मचा है। हर दिन 4 हजार से 5 हजार के बीच लोग संक्रमत हो रहे हैं और सबसे डराने वाली बात है मौत का बढ़ता आंकड़ा। अप्रैल के महीने में अभी तक 450 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 190 से ज्यादा मृतक पचास साल से कम उम्र के हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अभी तक हुई मौतों में चालीस प्रतिशत के करीब युवा वर्ग के मरीज हैं। सबसे ज्यादा डराने वाले आंकड़े बीते 5 दिनों में आए हैं। पिछले 5 दिनों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड में कोरोना मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 1.41 प्रतिशत है। अगर राष्ट्रीय औसत की बात करें तो ये दर 1.13 प्रतिशत है। सिर्फ बीते पांच दिनों में प्रदेश में हुईं मौतों के आधार पर देखें तो उत्तराखंड में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी हो गई है।पिछले साल पहली लहर के दौरान मौत का आंकड़ा काफी कम था। लेकिन दूसरी लहर में बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। मरीजों की मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा पिछले एक सप्ताह के दौरान रहा है जब बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अभी तक हुई मौतों में चालीस प्रतिशत के करीब युवा वर्ग के मरीज हैं। इससे समझा जा सकता है कि युवाओं पर भी वायरस का बहुत ज्यादा असर हो रहा है।
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