तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने की हर कोशिश नाकामयाब साबित हो रही है। संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही सख्ती और कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ रही है।
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Komal Negi
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Image: Containment zone in uttarakhand 27 April
देहरादून: देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कोरोना की दूसरी लहर तेजी से आगे बढ़ रही है। संक्रमण के साथ मरीजों की मौतें रोकना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। एहतियात के तौर पर कोरोना कर्फ्यू जैसे सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं, लेकिन लोगों की लापरवाही कम नहीं हो रही। जिन इलाकों में एक के बाद एक कई कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, उन इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। प्रदेश के 10 जिलों में 208 इलाके सील हैं। देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 63 इलाके सील हैं। यहां शहर में सुमनपुरी, दून स्कूल, द्वारकापुरी, फॉरेस्ट कॉलेज, वेल्हम गर्ल्स स्कूल और नव विहार इंद्र कॉलोनी समेत 52 इलाके सील हैं। विकासनगर में होप टाउन गर्ल्स स्कूल और ग्राम विधोली समेत 6 कंटेनमेंट जोन हैं। ऋषिकेश में न्यू जाटव बस्ती, सुमन विहार और डोईवाला में वार्ड नंबर-13 कंटेनमेंट जोन है। कालसी में दो कंटेनमेंट जोन हैं।
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हरिद्वार के रुड़की में आईआईटी रुड़की कैंपस के 4 क्षेत्रों और पतंजलि योगपीठ समेत 8 इलाके सील हैं। लक्सर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और ग्राम गोरधनपुर सील हैं। हरिद्वार शहर में आर्य वानप्रस्थ आश्रम कंटेनमेंट जोन है। नैनीताल में 40 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां हल्द्वानी में नवाबी रोड, कलावती चौराहा, जज फार्म और अमरावती कॉलोनी समेत 34 इलाके सील हैं। नैनीताल में मल्लीताल, आर्यभट्ट वेधशाला और कुमाऊं विश्वविद्यालय के हॉस्टल समेत 4 कंटेनमेंट जोन हैं। रामनगर में भी दो कंटेनमेंट जोन हैं। पौड़ी के श्रीनगर में होटल चंद्रलोक, स्वर्ग आश्रम और परमार्थ निकेतन कंटेनमेंट जोन हैं। यहां ग्राम डूब को भी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कोटद्वार में 7 कंटेनमेंट जोन हैं। चाकीसैंण में पैठाणी महाविद्यालय सील है। उत्तरकाशी में भी स्थिति बिगड़ रही है। यहां कुल 18 कंटेनमेंट जोन हैं। भटवाड़ी में 4, डुंडा में 2 और जोशियाड़ा में 3 इलाके सील हैं।
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बड़कोट में नगर पालिका के 6 वार्ड समेत 9 कंटेनमेंट जोन हैं। ऊधमसिंहनगर जिले में 38 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां किच्छा में वार्ड नंबर एक सील है। रुद्रपुर में मेट्रो पोलिस सिटी के कई इलाकों समेत 25 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। काशीपुर में रानी पद्मावती कॉलोनी समेत 4 कंटेनमेंट जोन हैं। सितारगंज में 7 और गदरपुर में 1 कंटेनमेंट जोन है। चंपावत के टनकपुर में ग्राम बोड़ाघाट और रोडवेज कॉलोनी समेत 9 कंटेनमेंट जोन हैं। बनबसा और लोहाघाट में भी 3 इलाके सील हैं। बाड़ाकोट और पाटी में भी दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। चमोली के गैरसैंण में कुसरानी बिछली सील है, यहां घाट और कर्णप्रयाग में भी दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। नई टिहरी में शिवालिक कंपनी, राजकीय नर्सिंग कॉलेज समेत 4 कंटेनमेंट जोन हैं। नरेंद्रनगर में 2, कीर्तिनगर और घनसाली में दो कंटेनमेंट जोन हैं। रुद्रप्रयाग में ऊखीमठ स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इस तरह 10 जिलों में 208 इलाके सील हैं।