उत्तराखंड: मास्क न लगाने वालों से वसूला जाएगा दोगुना जुर्माना..साथ में देगी 4 मास्क पुलिस

जो लोग मास्क को अब भी बोझ से ज्यादा कुछ नहीं समझते, उनसे अब पुलिस जुर्माना वसूलने के साथ उन्हें चार मास्क मुफ्त में देगी। योजना के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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Coronavirus in uttarakhand: Double penalty for not applying mask
Image: Double penalty for not applying mask

देहरादून: मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सावधानी। फिलहाल कोरोना से बचाव का यही एक तरीका है, लेकिन बड़े दुख की बात है कि लोग अब भी इस बात को समझ नहीं रहे। बाजारों में अब भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोग मास्क को बोझ से ज्यादा कुछ नहीं समझते। ऐसे लोगों से अब पुलिस जुर्माना वसूलने के साथ उन्हें चार मास्क मुफ्त में देगी। मंगलवार को सीएम तीरथ सिंह रावत ने इस योजना को मंजूरी देने के साथ मास्क खरीदने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक करोड़ रुपये जारी कर दिए। इस तरह उत्तराखंड पुलिस मास्क न लगाने पर जुर्माना भी वसूल करेगी और साथ में चार मास्क मुफ्त में भी देगी। सीएम की तरफ से जारी बजट का हिसाब-किताब पुलिस महानिदेशक स्तर पर रखा जाएगा। इससे पहले सोमवार को प्रदेश मंत्रिमंडल ने मास्क न पहनने वालों से दोगुने से ज्यादा जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है।

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पहले जहां मास्क न पहनने वालों से जुर्माने के तौर पर 200 रुपये, 500 रुपये और 1000 रुपये वसूले जाते थे। वहीं अब मास्क नियम की अनदेखी पर कम से कम 500 रुपये का चालान कटेगा। इसके अलावा सरकार ने मास्क न पहनने पर जुर्माना वसूलने के साथ ही चार मास्क मुफ्त देने का फैसला किया है। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए प्रदेश के चार जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से छह करोड़ रुपये की धनराशि भी दी गई है। जिलाधिकारी बागेश्वर और जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को दो-दो करोड़ रुपये दिए गए हैं। जबकि जिलाधिकारी चमोली और जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर को एक-एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि का इस्तेमाल कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए होगा। मुख्यमंत्री राहत कोष से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में क्षमता वृद्धि और सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है। इससे चिकित्सा महाविद्यालय कोरोना संक्रमण से मुकाबले के लिए संसाधन जुटा सकेंगे।