उत्तराखंड को DRDO की मदद..अस्पतालों में बनेंगे 1400 ऑक्सीजन बेड और ICU

डीआरडीओ की मदद से प्रदेश में गढ़वाल एवं कुमाऊं के अस्पतालों में बनाए जाएंगे 1400 ऑक्सीजन बेड एवं आईसीयू। हल्द्वानी एवं ऋषिकेश में स्थापित होंगे दो अस्थाई अस्पताल।
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Coronavirus in uttarakhand: 1400 oxygen beds to be built in Uttarakhand hospitals
Image: 1400 oxygen beds to be built in Uttarakhand hospitals

देहरादून: उत्तराखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है और ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी होने से लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए उत्तराखंड में डीआरडीओ ( रक्षा शोध एवं विकास संगठन) की मदद गढ़वाल एवं कुमाऊं के अस्पतालों में 1400 ऑक्सीजन बेड एवं आईसीयू बनाए जाएंगे। जी हां, प्रदेश में तेजी से फैलती हुई महामारी को देखते हुए डीआरडीओ की मदद से गढ़वाल एवं कुमाऊं के अस्पतालों में 1400 ऑक्सीजन बेड एवं आईसीयू बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इन बेड्स को स्थापित करने के लिए हल्द्वानी और ऋषिकेश में अस्थाई अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज कुमार पांडे ने इस खबर की पुष्टि की है और उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया है कि डीआरडीओ की मदद से उत्तराखंड में जल्द ही 1400 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जाएगी। राज्य के सभी अस्पतालों में वर्तमान में 17 हजार बेड मौजूद हैं। 2 दिनों में 7 मिड लेवल अस्पतालों की भी व्यवस्था उत्तराखंड में की गई है और इसी के साथ राज्य में दो वेंटीलेटर, 700 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड एवं 39 आईसीयू भी बढ़ गए हैं। राज्य में वर्तमान में 12 कोविड अस्पताल , 62 कोविड डेडीकेटेड हेल्थ सेंटर के साथ ही 385 कोविड केयर सेंटर तेजी से काम कर रहे हैं।

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सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज कुमार पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि डीआरडीओ की मदद से उत्तराखंड में 500-500 बेड की क्षमता वाले दो अस्थाई अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है। एक अस्पताल हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कैंपस में बनेगा और इस अस्पताल को सुशीला तिवारी अस्पताल संचालित करेगा। दूसरा अस्पताल ऋषिकेश के आईडीपीएल में बनेगा जिसको एम्स ऋषिकेश संचालित करेगा। एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित किए जाने वाले अस्थाई अस्पताल में 500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड लगाए जाएंगे और वहीं सुशीला तिवारी अस्पताल जिसको संचालित करेगा वहां पर 400 ऑक्सीजन बेड और 100 आईसीयू बेड बनाए जाएंगे। वहीं सरकार की मदद से एम्स ऋषिकेश में 100 आईसीयू बेड अलग से बनाए जाएंगे। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में डीआरडीओ की मदद से 400 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार किए जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ऑक्सीजन बेड एवं आईसीयू बन कर तैयार हो जाएंगे। इसके साथ उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में कोविड मरीजों के लिए 5500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड 1302 आईसीयू बेड और 774 वेंटिलेटर इस्तेमाल किए जा रहे हैं