उत्तराखंड: बंद कमरे में बीटेक छात्र ने फांसी लगाकर दी जान..कई दिनों से था आइसोलेट

21 साल का कुलदीप दो बहनों का इकलौता भाई था। वो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई पूरी होने पर वो इंजीनियर बनता, परिवार का नाम रोशन करता, लेकिन अफसोस कि अब ऐसा कभी नहीं हो पाएगा।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Kashipur news: Kashipur student suicide
Image: Kashipur student suicide

उधमसिंह नगर: बेकाबू होते कोरोना संक्रमण के चलते हर तरफ खौफ का माहौल है। कोरोना वायरस के साथ इसका डर भी लोगों की मौत की बड़ी वजह बन रहा है। कोरोना के इसी डर ने काशीपुर में रहने वाले 21 साल के कुलदीप शर्मा की जान ले ली। आईआईटी थाना क्षेत्र में रहने वाले उमेश शर्मा का 21 साल का बेटा कुलदीप द्वाराहाट इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। कुछ दिन पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई। खांसी, सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे अलग कमरे में आइसोलेट कर दिया था। गुरुवार को कुलदीप मच्छर लगने की बात कहकर मां से दुपट्टा ले गया और कमरे में जाकर फांसी लगा ली। कुलदीप ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। जवान बेटे की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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कुलदीप दो बहनों का इकलौता भाई था। पूरा परिवार उस पर जान छिड़कता था, उसकी हर डिमांड पूरी की जाती थी। लेकिन गुरुवार को कुलदीप सबको रुला कर चला गया। कुलदीप के पिता मोहल्ले में ही साईं रेस्टोरेंट चलाते हैं। परिजनों ने बताया कि सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत होने पर 26 अप्रैल को वो द्वाराहाट से काशीपुर आ गया था। परिजनों ने कोरोना संक्रमण की आशंका पर उसे घर के ही एक कमरे में आइसोलेट किया था। गुरुवार को खाना खाने के बाद कुलदीप कमरे में सोने चला गया। शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने कमरे में झांककर देखा, वहां कुलदीप फंदे से लटक रहा था। घटना का पता चलने पर घर में कोहराम मच गया। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।