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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: कोरोना से पूरा देश जूझ रहा है। यह महामारी तेजी से पहाड़ों पर फैल रही है। इस संक्रमण का तेजी से पहाड़ों की तरफ जाना खतरे की निशानी है। मैदानी जिलों के साथ ही पहाड़ी जिले भी इस महामारी से जूझ रहे हैं। पिथौरागढ़ से लेकर चमोली, हर तरफ पहाड़ों पर हाहाकार मचा हुआ है। पहाड़ी जिलों में तेजी से फैलते इस वायरस को अगर रोका नहीं गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं क्योंकि पहाड़ों पर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल सब जानते हैं। इन जिलों में लोग न केवल संक्रमित हो रहे हैं बल्कि लोग इस वायरस को हराने में भी नाकामयाब हो रहे हैं। चमोली जिले की बात करें तो जिले में परिस्थितियां बेकाबू होती नजर आ रही हैं। जिले में लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं और दम तोड़ रहे हैं। बीते सोमवार को चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महज ढाई माह की मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया और वह कोरोना के खिलाफ जंग हार गई। बता दें कि ढाई माह की बच्ची को उसके परिजन गंभीर हालत में अस्पताल लेकर आए थे। बच्ची की हालत गंभीर थी। जब उसका आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया तब वह पॉजिटिव आया। तमाम कोशिशों के बाद भी ढाई महीने की बच्ची की जान डॉक्टर नहीं बचा पाए और बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बच्ची ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।