उत्तराखंड: कोरोना काल में कालाबाजारी की हद हो गई..1 हजार के फ्लो मीटर की कीमत 15 हजार

ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और दूसरी दवाओं की कालाबाजारी के बाद अब मुनाफाखोर ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाले फ्लो मीटर की कालाबाजारी भी करने लगे हैं। देहरादून पुलिस ने ऐसे ही दो लोगों को पकड़ा है
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Coronavirus in uttarakhand: Black marketing of flow meters in Uttarakhand
Image: Black marketing of flow meters in Uttarakhand

देहरादून: कोरोना से हर तरफ कोहराम मचा है। अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन की कमी है तो वहीं बाजार से रेमडेसिविर इंजेक्शन और जीवनरक्षक दवाएं गायब हो गई हैं। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और दूसरी दवाओं की कालाबाजारी के बाद अब मुनाफाखोर ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाले फ्लो मीटर की कालाबाजारी करने लगे हैं। देहरादून पुलिस ने ऐसे ही दो लोगों को पकड़ा है। ये लोग तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाकर एक हजार रुपये का फ्लो मीटर 15 हजार रुपये में बेच रहे थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से छह फ्लो मीटर बरामद हुए। घटना पटेलनगर थाना क्षेत्र की है। यहां मुनाफाखोरों पर नकेल कसने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में मेडिकल स्टोर, अस्पताल व अन्य प्रतिष्ठानों के बाहर खड़ा किया गया है। ये टीमें संदिग्धों पर नजर रख रही हैं। बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक ऑक्सीजन फ्लो मीटर को 15 गुना दामों पर बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम गठित की गई।

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पुलिसकर्मियों की टीम ने दो युवकों से फ्लो मीटर उपलब्ध कराने को कहा। तब आरोपियों ने कहा कि वो 15 हजार से कम में फ्लो मीटर नहीं देंगे। बाद में आरोपी 12500 रुपये में फ्लो मीटर देने के लिए राजी हो गए। सौदा तय होने पर पुलिस टीम ने डिलीवरी देने के लिए दोनों को मंडी के पास बुलाया गया। जहां पुलिस टीम ने उन्हें धर दबोचा। आरोपियों में प्रिंस कांबोज निवासी मनोहरपुर, सहारनपुर और शिवम कुमार निवासी त्यागी रोड शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो चंडीगढ़ से फ्लो मीटर लेकर आए थे, वहां फ्लो मीटर एक हजार रुपये में मिल जाता है। इसे उत्तराखंड में जरूरतमंदों को 15-15 हजार रुपये में बेचा जा रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के दूसरे साथियों की तलाश में जुटी है।