ऋषिकेश AIIMS में कोरोना ब्लास्ट..110 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी मिले पॉजिटिव

एम्स ऋषिकेश अस्पताल में हाल ही में 110 से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मियों के अंदर कोरोना की पुष्टि हुई है जिसके बाद सभी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संस्थान में ही आइसोलेट कर दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर-
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Coronavirus in uttarakhand: 110 health workers coronavirus positive in Rishikesh AIIMS
Image: 110 health workers coronavirus positive in Rishikesh AIIMS

ऋषिकेश: उत्तराखंड में कोरोना हाहाकार मचा रहा है। आम लोगों के साथ कोरोना वॉरियर्स भी तेजी से इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं जो कि बेहद चिंताजनक है। प्रदेश में अस्पतालों की जो हालत है वो किसी से भी छिप नहीं पाई है। दयनीय स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच भी लगातार प्रदेश के कोरोना वॉरियर्स बिना किसी ब्रेक के अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और यही वजह है कि अस्पतालों में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी हाई रिस्क पर हैं। अस्पतालों में डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ लगातार कोविड पेशंट के संपर्क में आते हैं जिस वजह से वे तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। अबतक प्रदेश के कई अस्पतालों में कोरोना बम फूट चुका है और भारी संख्या में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के अंदर कोविड की पुष्टि हुई है। अब एम्स ऋषिकेश में कोरोना बम फूट चुका है। एम्स ऋषिकेश में एक साथ 110 स्वास्थ्य कर्मियों की पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बता दें कि यह सभी स्वास्थ्य कर्मी कोविड वार्ड के अंदर संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे थे और उनके साथ संपर्क में थे।

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सभी संक्रमित कर्मियों को ऋषिकेश एम्स में ही क्वारंटाइन कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि सभी कर्मियों को वैक्सीन के दोनों शॉट्स लगाए जा चुके हैं मगर इसके बावजूद भी इतनी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों का पॉजिटिव पाए जाना चिंताजनक बात है। इतनी बड़ी संख्या में कर्मियों के संक्रमित होने से एम्स प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ चुकी है। एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि कोरोना के कारण अबतक अस्पताल के 110 से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें डॉक्टर्स, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। उनका कहना है कि यह सभी स्वास्थ्य कर्मी कोविड वार्ड के अंदर कार्यरत थे और संक्रमित मरीजों से संपर्क में रहने के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित हुए हैं।

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उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित स्वास्थ्य कर्मियों को एम्स ऋषिकेश के परिसर में ही क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है और सभी का उपचार वहीं पर चल रहा है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन के दोनों शॉट्स लगाए जा चुके हैं जिस कारण चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि एम्स में 4 वार्ड बने हुए हैं जिनमें 600 से भी अधिक कोविड से संक्रमित मरीज भर्ती हैं। बात की जाए एम्स ऋषिकेश के स्टाफ की तो संस्थान के अंदर 700 रेजिडेंट डॉक्टर, तकरीबन 600 मेडिकल छात्र 500 सुरक्षाकर्मी, 600 सफाई कर्मी और 1500 नर्स समेत कुल 4000 कर्मचारी तैनात हैं और इनमें से अधिकांश की ड्यूटी अस्पताल में बनाए गए कोविड वॉर्डों में लगी हुई है जिस कारण यह सभी स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के संपर्क में लगातार आ रहे हैं और यही वजह है कि एम्स ऋषिकेश के अंदर इतनी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी पॉजिटिव पाए गए हैं।