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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: उत्सव विक्रय डोली इस वर्ष भी 14 मई को सीधे वाहन से गौरीकुंड पहुंचेगी। गौरीकुंड में रात्रि विश्राम के बाद डोली 15 मई को केदारनाथ धाम पहुंच जाएगी। यहां 2 दिन विश्राम के बाद 17 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। दरअसल उखीमठ के ओमकारेश्वर मंदिर परिसर में रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासन देवस्थानम बोर्ड तीर्थ पुरोहित समाज और हक हुकूक धारियों का आना हुआ। 2 घंटे की मंत्रणा के बाद यह फैसला लिया गया कि इस साल भी बाबा केदारनाथ की जल उत्सव विग्रह डोली अपने धाम के लिए वाहन से ही प्रस्थान करेगी। इस दौरान स्थानों पर परंपराओं के निर्वहन के लिए सिर्फ पूजा-अर्चना होगी। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि वैश्विक महामारी अपना घातक रूप ले चुकी है इसलिए डोली को गौरीकुंड तक सीधे वाहन से पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में तीर्थ पुरोहितों और हक हुकूक धारियों ने धाम जाने की अनुमति के लिए 21 लोगों की लिस्ट प्रशासन को सौंप दी है। तो कुल मिलाकर इस बार भी केदारनाथ में पिछले साल वाली परंपरा निभाई जाएगी