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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पिथौरागढ़: कोरोना का खौफ अपने चरम पर है। घर में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने के बाद जैसे लोगों के होश उड़ जाते हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही शारीरिक रूप से ज्यादा मरीज मानसिक रूप से टूट जाता है। आसपास की तमाम बुरी खबरें सुनकर लोग डर जाते हैं। अधिक उम्र वालों के लिए कोरोना वायरस खतरनाक बताया गया है। मगर कहते हैं न कि जिनमें इच्छाशक्ति होती है, जीने की अभिलाषा होती है वे मौत को भी मात दे कर वापस लौट आते हैं। फिर चाहे मृत्यु कितना भी जोर लगाए, अगर जीने की अभिलाषा है तो वह भी वापस लौट जाती है। आज हम एक ऐसी ही पॉजिटिव खबर आपके लिए पिथौरागढ़ से लाए हैं। पिथौरागढ़ की 90 वर्षीय हरिप्रिया पंत ने कोरोना को मात दे दी है और पूर्णतः स्वस्थ हो गई हैं। जी हां, एक बुजुर्ग व्यक्ति के लिए इस वायरस को हराना मुश्किल जरूर है मगर नामुमकिन नहीं। अगर मानसिक तौर पर स्थिरता हो तो असंभव कुछ भी नहीं है। हरिप्रिया पंत ने कोरोना को मात दे दी है और घर लौट चुकी हैं। संक्रमित होने के दौरान कई बार उनकी हालत खराब हुई, कई बार वे बेहोश भी हुईं मगर अंततः उनकी जीत हुई और वायरस की हार।