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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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देहरादून: पूरा देश इस समय कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। तीसरी लहर दस्तक देने वाली है जिसको देखते हुए हर राज्य अपने स्तर पर प्रयासरत है।यह तीसरी लहर बच्चों के लिए बेहद घातक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि तीसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमण की चपेट में आएंगे। मगर इसी बीच उत्तराखंड से एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड में अब बड़ों के साथ ही बच्चे भी कोरोना का डटकर सामना कर रहे हैं। जी हां, उत्तराखंड में अधिकतर बच्चे कोरोना को मात देकर स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। राज्य में कुल 554 संक्रमित बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनमें से 2 बच्चे इस वायरस के खिलाफ जंग हार गए हैं मगर शेष 552 बच्चों ने कोरोना को मात दे कर सकुशल घर वापसी कर ली है। यह वाकई एक पॉजिटिव खबर है और तीसरी लहर की आशंका के बीच में यह खबर उम्मीद देती है। उत्तराखंड के श्रीनगर में स्थित मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के पीआरओ अरुण बडोनी ने बताया कि अस्पताल में अभी तक 2 बच्चियों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। एक मासूम की उम्र 6 माह और 1 की उम्र 1 माह बताई जा रही है। दोनों बच्चियों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया। मगर उत्तराखंड में अधिकांश बच्चे इस वायरस को हरा कर वापस लौट रहे हैं जो कि तीसरी लहर को देखते हुए एक अच्छी खबर है।