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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: उत्तराखण्ड का राज्य पक्षु कस्तूरी मृग प्रकृति के सुंदरतम जीवों में से एक है। 2-5 हजार मीटर ऊंचे हिम शिखरों में पाए जाने वाले कस्तूरी मृग वैज्ञानिक नाम मास्कस कइसोगास्टर (Moschus Chrysogaster) है। इसे ‘हिमालयन मस्क डिअर’ के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि उत्तराखंड का यह दुर्लभ जीव हाल ही में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में कुलांचे भरते हुए नजर आए। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के कांचुला खर्क और सौर पार्क में अति दुर्लभ जीवों में शामिल कस्तूरी मृग कुलांचे भरते हुए नजर आए इसके बाद वन प्रभाग के अधिकारियों एवं सभी कर्मचारियों के बीच में खुशी का माहौल दिखाई दिया। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में कस्तूरी मृग की मौजूदगी और उनकी बढ़ती संख्या से वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उत्साहित हैं। आपको बता दें कि वन प्रभाग के कैमरे में छह कस्तूरी मृग कैद हुए हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के कैमरों में 6 कस्तूरी मृग तस्वीरों में कैद हुए हैं जो कि एक अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा है कि वन प्रभाव कस्तूरी मृग की संरक्षण हेतु लगातार प्रयास कर रहा है।