आज से प्रदेश के लगभग हर रूट पर बसों का संचालन किया जाएगा। बसें 100 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ चलेंगी, इस दौरान कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।
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Komal Negi
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Image: Operation of buses started in Uttarakhand
देहरादून: कोरोना के काबू में आते ही सरकार ने सार्वजनिक वाहनों के संचालन को लेकर राहत देनी शुरू कर दी है। आज से उत्तराखंड के पर्वतीय रूटों पर बसों का संचालन शुरू हो गया है। प्रदेश के लगभग हर रूट पर बसों का संचालन किया जाएगा। बसें 100 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ चलेंगी। बता दें कि प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही बसों के संचालन पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। बीते मई से पहाड़ी रूटों पर बसों का संचालन बंद था। बसें नहीं चलने से यात्री परेशान थे। अब राज्य सरकार ने ढील देते हुए सार्वजनिक वाहनों का संचालन 100 प्रतिशत सवारी के साथ करने की अनुमति दे दी है। शासन की तरफ से जारी आदेश के बाद परिवहन व्यवसायियों ने अलग-अलग रूट पर बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। सोमवार तड़के 4 बजे से प्रदेश में विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन शुरू हो गया है। ऋषिकेश से उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, श्रीनगर समेत तीन दर्जन से अधिक रूटों पर बसों का संचालन शुरू हो गया है।
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टीजीएमओसी के अध्यक्ष जितेन्द्र नेगी ने कहा कि पहले दिन 10 फीसदी बसों का ही संचालन किया जायेगा। बाद में सवारियां बढ़ने पर बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। आपको बता दें कि 9 जून को राज्य सरकार ने बसों, विक्रम, ऑटो, टैक्सी कैब, मैक्सी कैब और ई-रिक्शा के संचालन के लिए एसओपी जारी की है। इसके अनुसार अंतरराज्यीय और अंतर जनपदीय मार्गों पर यातायात सेवाओं का संचालन अब 100 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ होगा। वाहन में सवारियों को खड़ा कर के नहीं ले जाया जाएगा। वाहन स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो केवल राज्य परिवहन प्राधिकरण ओर से निर्धारित दर पर ही किराया वसूलें। हर यात्रा के बाद बस को सैनेटाइज करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि के नियम पूर्व की एसओपी की भांति ही रहेंगे, बस संचालकों को इनका सख्ती से पालन करना होगा।