पौड़ी गढ़वाल: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबो का ये हाल है, मोबाइल की लाइट से हो रहा है काम

बिजली के अभाव के चलते स्वास्थ्य कर्मचारियों को मोबाइल की लाइट पर ही वैक्सीनेशन से संबंधित कार्य को पूरा करना पड़ रहा है।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Pauri Garhwal News: no light in community health center pabo
Image: no light in community health center pabo

पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए तमाम दावे किए जा रहे हैं मगर यह दावे धरातल पर खोखले नजर आ रहे हैं। जी हां, बात हो रही है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबो की जिसको साल की शुरुआत में पीपीपी मोड़ यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड़ पर दे दिया गया था। जिसके बाद उम्मीदें लगाई गई कि प्राइवेट मोड़ पर देने के बाद यहां पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी । मगर यहाँ पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के विपरीत ओर बदहाल हो रखी है। स्वास्थ विभाग पौड़ी की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ में 18 से 44 वर्ष तक कि आयु वर्ग के लोगों पर वैक्सीनेशन का काम किया जा रहा है। मगर स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर उपलब्ध ना होने के कारण बिजली के अभाव के चलते स्वास्थ्य कर्मचारियों को मोबाइल की लाइट पर ही वैक्सीनेशन से संबंधित कार्य को पूरा करना पड़ रहा है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - देहरादून में हाईटेक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, विदेशी युवती समेत 7 लोग गिरफ्तार
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किस तरह की सुविधाएं दी जा रही होंगी। अस्पताल प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में इनवर्टर की सुविधा उपलब्ध है मगर देर रात विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण इनवर्टर को भी चार्ज नहीं किया जा सका। जिस कारण इस तरह की दिक्कतें सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर लगाए जाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही यहां पर जनरेटर लग जाएगा। लेकिन यह सवाल उठना भी लाजमी है कि जिस विधानसभा के विधायक प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत स्वयं हो और जो तमाम तरह के दावे लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कर रहे हैं अगर उनकी विधानसभा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल यह है तो अन्य विधानसभाओं की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल होगा।