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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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कोटद्वार: टोक्यो ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गोल की हैट्रिक लगाने वाली वंदना कटारिया को पूरा देश सलाम कर रहा है। भारतीय महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज पर जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गई है। देशवासियों से मिले प्यार से उत्तराखंड के हरिद्वार की हॉकी प्लेयर वंदना भी अभिभूत हैं। परिजनों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इंडियन हॉकी टीम मेडल जीतकर ही वापस आएगी। वंदना कटारिया आज भले ही स्टार बन गई हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब इस खिलाड़ी के पास अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने तक के लिए पैसे नहीं थे। वो हॉकी स्टिक और जूते तक नहीं खरीद पाती थीं। वंदना हरिद्वार के गांव रोशनाबाद की रहने वाली हैं। मई में उनके पिता का निधन हो गया था। वंदना उन्हें आखिरी बार देख भी नहीं पाई थीं। अब वो देश के लिए मेडल जीतकर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि देना चाहती हैं। वंदना के पिता नाहर सिंह कटारिया रेसलर थे।