आंख में गंभीर चोट के बावजूद और 8 टांकों के साथ वो विश्व चैंपियन बखोदिर जलोलोव के साथ लड़े। इस बात की तारीफ दुनिया भर में हो रही है। पूरी दुनिया ने सतीश कुमार की बहादुरी को सलाम किया।
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Image: Farhan Akhtar and Randeep Hooda praise boxer Satish Kumar
कोटद्वार: ओलंपिक में 11 कुमाऊं रेजीमेट के मुक्केबाज सतीश कुमार टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वो कोई भी पदक नहीं जीते, लेकिन आंख में गंभीर चोट के बावजूद और 8 टांकों के साथ वो विश्व चैंपियन बखोदिर जलोलोव के साथ लड़े। इस बात की तारीफ दुनिया भर में हो रही है। पूरी दुनिया ने सतीश कुमार की बहादुरी को सलाम किया। इसी क्रम में फिल्म अभिनेता फरहान अख्तर और रणदीप हुड्डा दो अन्य नाम हैं, जिन्होंने सतीश कुमार की जमकर तारीफ की है। फरहान अख्तर ने मुक्केबाज सूबेदार मेजर सतीश कुमार की तारीफ करते हुए लिखा, 'मुक्केबाज सतीश कुमार ने दुनिया को दिखाया कि सच्चे प्रतियोगी किस चीज से बने होते हैं। आप पर गर्व है भाई'।
वहीं रणदीप हुड्डा ने लिखा, 'संभवत: इसे 'फाइटिंग स्पिरिट' कहते हैं। सतीश कुमार ने विषम परिस्थतियों के बावजूद विश्व चैम्पियन के खिलाफ फाइट की. असली चैम्पियन की तरह बखोदिर जलोलोव ने भी उनकी सम्मान किया।'
उधर सूबेदार मेजर सतीश कह रहे हैं कि उनका फोन लगातार बज रहा है। उनका कहना है कि ‘देश-दुनिया से लोग उन्हें इस तरह बधाई दे रहे हैं जैसे कि मैं जीत गया। मैं कई टांकों का दर्द झेल रहा हूं। मेरे सामने मरता क्या न करता वाली स्थिति थी। मैंने तय कर लिया था कि मुझे लड़ना है. अगर मैं लड़ाई नहीं करता तो मुझे हमेशा इसका पछतावा रहता. अब मैं शांति से रह सकता हूं. मैं खुद से थोड़ा संतुष्ट हू. क्योंकि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया'। सतीश का कहना है कि उनकी पत्नी और पिता ने उन्हें लड़ाई न करने की सलाह दी थी. मगर, उन्होंने अपने दिल की सुनी और रिंग में जाकर अपना बेस्ट देने की कोशिश की
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