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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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कोटद्वार: ओलंपिक से भारत के लिए एक अच्छी खबर है। महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने पहले ही ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत कर इतिहास रचा है। टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल मैच में 23 साल की लवलीना को हार मिली, लेकिन ये मुकाबला दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी के खिलाफ था। इसके बाद भी लवलीना ने रिंग में कड़ी टक्कर देकर सभी का दिल जीत लिया। आपको बता दें कि इस मैच में लवलीना के खिलाफ तुर्की की वर्ल्ड नंबर-1 महिला बॉक्सर बुसेनाज सुरमेनेली खड़ी थीं। उन्होंने लवलीना को मात देकर 69 किलोग्राम केटेगरी में फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय बॉक्सर विजेंदर सिंह और मैरी कॉम के बाद ओलंपिक मेडल जीतने वाली लवलीना तीसरी भारतीय मुक्केबाज बन गई हैं। इससे पहले विजेंदर सिंह ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में मेडल जीता था। इसके बाद मैरी कॉम 2012 ने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। लवलीना की जीत पर पीएम मोदी ने लिखा, ''लवलीना ने रिंग में खूब लड़ाई की। बॉक्सिंग रिंग में उनकी सफलता कई भारतीयों को प्रेरित करेगा। उनकी दृढ़ता और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। कांस्य पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।'' इस बार ओलंपिक में लवलीना से पहले भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया था। ओलंपिक में भारत अब तक कुल तीन मेडल जीत चुका है।