हम सभी देश के अलग-अलग हिस्सों, अलग-अलग जातियों से आते हैं. कुछ हिंदू, मुस्लिम, सिख हैं, लेकिन यहां हम केवल भारत और उस झंडे का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Rani Rampal statement in favor of Vandana Kataria
हरिद्वार: टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया पर पूरा देश प्यार लुटा रहा है। गोल की हैट्रिक लगाने वाली वंदना ने अपने शानदार खेल की बदौलत इतिहास रच दिया, बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया, लेकिन कुछ लोगों से वंदना की सफलता देखी नहीं गई। इन लोगों ने वंदना के परिवार के साथ शर्मनाक हरकत की। टीम की हार के बाद उनके घर के आगे पटाखे फोड़े, परिवार वालों को गालियां दी। जातिसूचक शब्द भी कहे। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मानवाधिकार आयोग ने भी वंदना कटारिया के परिजनों को जातिसूचक शब्द कहने और उनके घर के बाहर पटाखे छोड़ने की घटना का संज्ञान लिया है। इस बीच महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल भी वंदना का साथ देे के लिए उतरी हैं। उन्होंने कहा कि वंदना के पिता का हाल में ही निधन हुआ था। इसके बाद भी वंदना ओलंपिक की तैयारियों में जुटी रही और अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि मुझे वास्तव में बहुत बुरा लगा जब वंदना के परिवार के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। आगे भी पढ़िए
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रानी रामपाल ने आगे कहा कि हम सभी देश के अलग-अलग हिस्सों, अलग-अलग जातियों से आते हैं. कुछ हिंदू, मुस्लिम, सिख हैं, लेकिन यहां हम केवल भारत और उस झंडे का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए लोगों को मेरा संदेश है कि, किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा न करें क्योंकि देश का नाम आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी अपनी जान दे देते हैं। टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हुए मुकाबले के दौरान भारतीय टीम मैच हार गई। इससे वंदना का परिवार मायूस हो गया। ठीक उसी समय पुरानी रंजिश के चलते पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने वंदना के घर के बाहर पटाखे फोड़े। वंदना के परिजनों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें गालियां दीं, जातिसूचक शब्द किए। बुधवार देर रात पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी विजय पाल और अंकुर पाल सगे भाई हैं। तीसरा आरोपी सुमित चौहान पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने एसएसपी हरिद्वार को गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं।