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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: भगवान वो दिन किसी को न दिखाए, जब किसी को अपने कलेजे के टुकड़े से अलग होना पड़े। संतान को खो देने का गम दुनिया का सबसे बड़ा दुख है। हरिद्वार में रहने वाला एक पिता भी ये गम सह नहीं पाया। इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई तो पिता भीतर ही भीतर टूटकर रह गया। जब बेटे के जाने का गम सहा नहीं गया तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे के बाद पिता की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। घटना काशीपुरा क्षेत्र की है। जहां बीमारी से जूझ रहे बेटे की मौत के सदमे में पिता ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता-पुत्र की मौत से मोहल्ले में मातम पसरा है। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जानकारी के मुताबिक काशीपुरा निवासी रंजीत धाकड़ (42) रानीपुर मोड़ स्थित एक दुकान पर काम करता था। रंजीत का 15 साल का बेटा सक्षम पैरालाइसिस के अलावा कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था।