उत्तराखंड: बेटे की मौत से लगा गहरा सदमा, पिता ने भी दे दी जान..मां ने खोई सुधबुध

रंजीत का 15 साल का बेटा पैरालाइसिस के अलावा कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। सोमवार सुबह 8 बजे सक्षम की मौत हो गई। जिसके बाद रंजीत ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
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Paralysis: Sad father loses life after sick son died
Image: Sad father loses life after sick son died

हरिद्वार: भगवान वो दिन किसी को न दिखाए, जब किसी को अपने कलेजे के टुकड़े से अलग होना पड़े। संतान को खो देने का गम दुनिया का सबसे बड़ा दुख है। हरिद्वार में रहने वाला एक पिता भी ये गम सह नहीं पाया। इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई तो पिता भीतर ही भीतर टूटकर रह गया। जब बेटे के जाने का गम सहा नहीं गया तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे के बाद पिता की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। घटना काशीपुरा क्षेत्र की है। जहां बीमारी से जूझ रहे बेटे की मौत के सदमे में पिता ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता-पुत्र की मौत से मोहल्ले में मातम पसरा है। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जानकारी के मुताबिक काशीपुरा निवासी रंजीत धाकड़ (42) रानीपुर मोड़ स्थित एक दुकान पर काम करता था। रंजीत का 15 साल का बेटा सक्षम पैरालाइसिस के अलावा कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था।

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सोमवार सुबह 8 बजे सक्षम की मौत हो गई। बेटे की मौत से रंजीत टूट गया। गमगीन रंजीत ने बेटे की मौत के सदमे में कमरे में चुनरी का फंदा लगाकर फांसी लगा ली। पहले बेटे और फिर पति की मौत से रंजीत की पत्नी गहरे सदमे में है। वो सुधबुध खो बैठी है। उसके आंसू नहीं थम रहे। रंजीत की पत्नी को सांत्वना देने के लिए मोहल्ले के लोगों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मोहल्ले वालों ने बताया कि रंजीत बेटे सक्षम से बहुत प्यार करता था। वो बेटे की मौत के गम को बर्दाश्त नहीं कर पाया। दुख में उसने भी जान दे दी। बहरहाल पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।