उत्तराखंड: यात्रा के पहले दिन ही बदरीनाथ में उमड़ी भीड़, सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे

यात्रा के पहले ही दिन बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, सैकड़ों श्रद्धालु कोविड प्रोटोकॉल्स को ध्यान में रखकर दर्शन के लिए आ रहे हैं बदरीनाथ-
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Char dham yatra: Char dham yatra people reached badrinath
Image: Char dham yatra people reached badrinath

चमोली: बीते गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा शुरू करने के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी। कल शुक्रवार की देर रात को यात्रा के संबंध में एसओपी भी जारी कर दी गई जिसमें सभी गाइडलाइंस और नियम बताए गए थे। चारों धामों के कपाट खुले लगभग चार महीने हो गए हैं। 4 महीने के बाद आज से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। बदरीनाथ धाम की बात करें तो धाम में यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है।आज सुबह से ही बद्रीनाथ में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह 5:00 बजे से 9:30 बजे तक की बात करें तो करीब डेढ़ सौ श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। अभी भी भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। धाम में महाराष्ट्र, मुंबई, राजस्थान और अजमेर सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं।

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चारधामों में दर्शन करने वाले यात्रियों के लिए पर्यटन विभाग और देवस्थानम बोर्ड ने एसओपी जारी की है। सबसे पहले बात करते हैं उन नियमों की जिनका पालन धाम के अंदर किया जाएगा। कोविड को ध्यान में रखते हुए एसओपी जारी की गई है। धाम के अंदर श्रद्धालु प्रसाद नहीं चढ़ाएंगे। साथ ही उनको तिलक भी नहीं लगेगा। मंदिर में मूर्तियों और घंटियों को छूने, तप्त कुंडों में स्नान पर भी प्रतिबंध रहेगा। केदारनाथ धाम में एक समय में केवल छह यात्री ही सभामंडप से दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी। बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में अधिकतम 400 लोग रोज दर्शन कर सकेंगे। इससे अधिक लोगों को दर्शन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। तीर्थ यात्रियों को धामों में ज्यादा दिन ठहरने की अनुमति नहीं होगी।

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कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए चारधामों में भीड़ पर नियंत्रण रहेगा। पुलिस इस को सुनिश्चित करेगी कि धाम में सब लोग कोरोना प्रोटोकॉल्स का पालन करें। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में यात्रियों को ई-पास जारी किया जाएगा। पास में महज एक रात ही ठहरने की अनुमति होगी। राज्य से बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। कोरोना को देखते हुए जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज 15 दिन पहले लग चुकी हैं उन्हें कोविड जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एक डोज वालों के लिए कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले जिन यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है उनको भी 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य होगी। अगर कोई बिना नेगेटिव रिपोर्ट के या वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट के अलावा फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट के साथ यात्रा करता है उसके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।