ऋषिकेश में शुरू हो गई वॉटर राफ्टिंग, अब आप अभी चले आइए

रिवर राफ्टिंग जैसी मजेदार एक्टिविटी का अनुभव लेना चाहते हैं तो ऋषिकेश चले आईए, यहां आज से राफ्टिंग के नए सत्र की शुरुआत हो गई।
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Rishikesh water rafting: Water rafting started in rishikesh
Image: Water rafting started in rishikesh

ऋषिकेश: कोरोना का कहर थमते ही प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स संबंधी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में ऋषिकेश के कौड़ियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन में रिवर राफ्टिंग के नए सत्र का आयोजन किया जा रहा है। रविवार से यहां रिवर राफ्टिंग की शुरूआत हो गई, हालांकि दूसरी जगहों पर राफ्टिंग की शुरुआत कब होगी, इसे लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। फैसला तकनीकी समिति के हाथ में है। उत्तराखंड का ऋषिकेश योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के तौर पर मशहूर होने के साथ-साथ यहां होने वाले एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी जाना जाता है। पर्यटकों के लिए यहां आध्यात्म से लेकर एडवेंचर स्पोर्ट्स तक सब उपलब्ध है। यहां का कौड़ियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन रिवर राफ्टिंग के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। आमतौर पर गर्मी का सीजन शुरू होते ही रिवर राफ्टिंग शुरू हो जाती है, लेकिन इस साल अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर के चलते गंगा में राफ्टिंग संबंधी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।

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30 जून से 31 अगस्त तक मानसून सत्र होने की वजह से रिवर राफ्टिंग संबंधी गतिविधियां बंद रहीं। एक सितंबर से अब तक लगातार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ रहा, जिससे राफ्टिंग सत्र शुरू होने में 15 दिन से ज्यादा का वक्त लग गया। गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के तत्वावधान मे आज राफ्टिंग सत्र का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल मौजूद रहे। आज राफ्टिंग सत्र की शुरुआत हो गई, लेकिन दूसरी जगहों पर अभी राफ्टिंग शुरू होगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। शुक्रवार और शनिवार को राफ्टिंग संचालन के लिए गठित समिति ने गंगा में मरीन ड्राइव से खारास्त्रोत तक रेकी कर राफ्टिंग की संभावना पर विचार किया, हालांकि राफ्टिंग की अनुमति पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समिति राफ्टिंग की अनुमति दे देती है तो रविवार से ही गंगा में राफ्ट भी उतार दी जाएंगी।