देहरादून से ऋषिकेश जाने वाले ध्यान दें, रानीपोखरी का वैकल्पिक मार्ग फिर बहा

नहीं टिक रहा रानीपोखरी में बना वैकल्पिक मार्ग, तीसरी बार बहा, लोग परेशान
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Ranipokhri Bridge: Ranipokhri optional rout washed away
Image: Ranipokhri optional rout washed away

देहरादून: रानीपोखरी में जाखन नदी पर बने पुल के ढहने के बाद आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने यहां वैकल्पिक मार्ग तैयार किया था, लेकिन जैसे सरकार का बनाया पुल नहीं टिका, वैसे ही सड़क भी नहीं टिक रही। पुल टूटने के बाद यहां बना वैकल्पिक मार्ग एक बार फिर बह गया है। और ऐसा लगातार तीसरी बार हुआ है। रोड न होने की वजह से यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही। 27 अगस्त को ऋषिकेश में भारी बारिश होने से जाखन नदी उफान पर आ गई थी। नदी के पानी के वेग के कारण कटाव होने से रानीपोखरी में जाखन नदी पर बने 57 साल पुराने मोटरपुल का कुछ हिस्सा दो स्थानों पर ढह गया। मोटरपुल का हिस्सा ढहने से गढ़वाल का राजधानी देहरादून से संपर्क कट गया। इससे जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई।

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पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को एक घंटे का समय लगने लगा। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने रानीपोखरी में क्षतिग्रस्त मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया था। तब उन्होंने कहा था कि पांच महीने के भीतर रानीपोखरी में जाखन नदी पर नया मोटर पुल तैयार कर दिया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में पुल निर्माण के लिए सरकार टेंडर की प्रक्रिया में सरलीकरण के लिए शासनादेश जारी करने जा रही है। फिलहाल आवागमन को सुचारू करने के लिए वैकल्पिक मार्ग बना देंगे। यही वैकल्पिक मार्ग बार-बार पानी के बहाव में बह रहा है। लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार चुनाव प्रचार में बिजी है, उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता कर्नल अजय कोठियाल ने सरकार से कहा था कि अगर अनुमति मिले तो वो 48 घंटे में नया पुल तैयार कर देंगे, लेकिन सरकार ने इस सुझाव की बजाय उस कॉजवे पर फोकस किया, जो लगातार तीन बार बह चुका है।