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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: टिहरी के घनसाली में आयोजित भेड़ कौथिग में झुमैलो और अन्य रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधा। घनसाली के गंगी गांव में होने वाला ये आयोजन कई मायनों में खास था। कौथिग में सिर्फ ग्रामीण ही नहीं बल्कि उनकी हजारों भेड़-बकरियां भी शामिल हुईं। मान्यता है कि भेड़ कौथिग मेले में गांव के इष्टदेव सोमेश्वर मंदिर के चारों ओर भेड़ घुमाने पर पशुपालन और खेती-किसानी के साथ गांव में समृद्धि आती है। कौथिग का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण और विधायक शक्तिलाल शाह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण गंगी गांव की पारंपरिक वेशभूषा में दिखीं। उनके इस अंदाज ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति, बोली और वेशभूषा को न छोड़ने की अपील की। आगे देखिये विडियो...