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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: पहाड़ के तकरीबन हर हिस्से में गुलदार आतंक का पर्याय बने हुए हैं। घटते जंगलों के चलते गुलदार इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे हैं, वहां रह रहे लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। गुलदार का खौफ इतना अधिक है कि लोग घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले के विकासखंड जखोली के ललूडी-टेंडवाल गांव में भी गुलदार का आतंक अपने चरम पर है। हाल ही में पत्रकार जगदंबा कोठारी की माता 62 वर्षीय अनुसूया देवी को गुलदार ने हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया है। अनुसूया देवी देर शाम करीब 6 बजे अपने खेतों में काम कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से घात लगाए एक गुलदार ने उन पर जान लेवा हमला कर दिया और उनको गंभीर रूप से घायल कर दिया। गुलदार के साथ संघर्ष करते वक्त उनका शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग वहां पर इकट्ठा हुए उसके बाद गुलदार वापस जंगलों की ओर भाग गया।