गढ़वाल के रणोगी गांव में गुलदार ने मारी 28 बकरियां, पशुपालक के सामने रोजी-रोटी का संकट

गुलदार ने रणोगी गांव के पशुपालक महावीर सिंह की 28 बकरियां मार दीं, गांव में गुलदार की बढ़ती धमक से ग्रामीण दहशत में हैं.
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Tehri-garhwal Leopard attacks: Leopard attacks on goat in ranogi village tehri-garhwal
Image: Leopard attacks on goat in ranogi village tehri-garhwal

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र इस वक्त कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहे हैं. कोरोना काल में लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं. मौसम कहर बरपा रहा है, उस पर जंगली जानवर लोगों और मवेशियों के लिए काल साबित हो रहे हैं. गुलदार जंगलों से निकल कर आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं. लोगों पर हमला कर रहे हैं, मवेशियों की जान ले रहे हैं. ताजा मामला जौनपुर विकासखंड के रणोगी गांव का है, जहां देर रात गुलदार ने गांव में महावीर सिंह की 28 बकरियों को अपना निवाला बना लिया, गुलदार की बढ़ती धमक से गांव वाले दहशत में हैं. वहीँ पीड़ित पशुपालक ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है. साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने को भी कहा. बारिश और अतिवृष्टि के दौरान गुलदार अब गांवों की तरफ रुख करने लगे हैं. जंगल में भोजन की कमी होने की वजह से गुलदार इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं.

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जौनपुर विकासखंड के रणोगी गांव के पीड़ित पशुपालक महावीर सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं. बीती रात वो घर में सो रहे थे. तभी गुलदार गोशाला का दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हो गया और गुलदार ने 28 बकरियों को अपना निवाला बना लिया, जिसके बाद रोज की तरह जब महावीर सिंह सुबह गौशाला में बकरियों को बाहर निकलने गया तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तलें जमीन खिसक गई. क्योंकि गुलदार 28 बकरियों को मार दिया था. आनन-फानन में उन्होंने वन विभाग को घटना की जानकारी दी. मौके पर पहुंची टीम ने नुकसान का आंकलन किया, साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया. महावीर सिंह बकरी पालन कर गुजर-बसर करते थे. गुलदार के हमले की वजह से उन्हें करीब दो लाख का नुकसान हुआ है, वहीँ वन विभाग की टीम ने पीड़ित को मुआवजा देने का ऐलान भी किया गया है.