Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
नैनीताल: सरकार लोगों से पहाड़ों को आबाद करने को कह रही है, लेकिन जहां मासूम ही सुरक्षित न हों, वहां भला कोई क्यों रहना चाहेगा. पर्वतीय इलाकों में नरभक्षी गुलदारों का आतंक कम नहीं हो रहा. जंगल में घास काटने गई महिलाएं हों या फिर घरों के बाहर खेलते बच्चे, कोई भी सुरक्षित नहीं है. गुलदार के हमले की ताजा घटना नैनीताल से सामने आ रही है. जहाँ ज्योलीकोट के पास चोपड़ा ग्राम सभा के मटियाली बैंड के पास भानू राणा तथा मीना राणा अपने दो छोटे बच्चों के साथ मटियाली गांव में रहते हैं. बीते शुक्रवार देर शाम उनके बच्चे चार वर्षीय पीयूष व दो वर्षीय राघव आंगन में खेल रहे थे. इसी बीच राघव अचानक गायब हो गया. बता दें कि क्षेत्र में दो-तीन दिन पहले गुलदार गांव को जाने वाले रास्ते पर चोपड़ा गांव निवासी मनोज, नरेंद्र और ललित पर झपट गया था. इससे पहले भी जंगल से लगे इस क्षेत्र में गुलदार की धमक लगातार बनी हुई थी. लिहाजा पहले ही तय माना जा रहा था कि बच्चे को गुलदार उठा कर ले गया है. ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वन विभाग, पुलिस तथा ग्रामीणों ने बच्चे की तलाश में रात एक बजे तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन घनी झाड़ियों में उसका कोई सुराग नहीं लग सका जिसके शनिवार सुबह एक बार फिर सर्च अभियान शुरू किया गया