गरीब परिवारों में जन्मे कुशाग्र एवं असाधारण छात्रों को प्रतिष्ठित द दून स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। हालांकि इस मौके को हासिल करने के लिए छात्रों को कई चुनौतियों से गुजरना पड़ेगा।
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Komal Negi
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Image: Scholarship program of Doon school dehradun
देहरादून: द दून स्कूल। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक। देश-विदेश के सबसे खासमखास लोगों के बच्चे यहां पढ़ते हैं। इस स्कूल में एडमिशन मिलना आसान नहीं होता, लेकिन अब ये मौका हर किसी के पास है। गरीब परिवारों में जन्मे कुशाग्र एवं असाधारण छात्रों को प्रतिष्ठित द दून स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। हालांकि इस मौके को हासिल करने के लिए छात्रों को कई चुनौतियों से गुजरना पड़ेगा। इसके लिए द दून स्कूल ने स्कॉलरशिप एग्जॉम शुरू किया है। इच्छुक छात्र को पहले ये परीक्षा पास करनी होगी, उसके बाद स्कूल की प्रवेश परीक्षा देनी होगी। आखिर में स्कूल की कमेटी इंटरव्यू लेगी। जो छात्र तीनों चरणों में खरा उतरेगा, उसे स्कूल में दाखिला मिलेगा। अगर छात्र होनहार है, लेकिन फीस चुकाने में सक्षम नहीं है तो छात्र की पूरी पढ़ाई का खर्चा स्कूल स्कॉलरशिप पर करवाएगा। दून स्कूल की तरफ से शुरू की जा रही स्कॉलरशिप के लिए पहले चरण की परीक्षा अक्टूबर में होगी। जो छात्र पास होंगे, वो दिसंबर में होने वाली मुख्य प्रवेश परीक्षा में शामिल होंगे।
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सत्र 2022-23 में स्कॉलरशिप के तहत दाखिलों के लिए पहले चरण की परीक्षा दो अक्टूबर को उत्तर भारत के चार केंद्रों पर हुई। जिसमें 200 छात्रों ने हिस्सा लिया। बता दें कि द दून स्कूल में सातवीं से 12वीं तक सवा 500 छात्र पढ़ाई करते हैं। हर साल यहां 7वीं में 74 से 80 और आठवीं में 14 से 20 सीटों के लिए लिखित प्रवेश परीक्षा एवं इंटरव्यू होता है। द दून स्कूल के विकिपीडिया अकाउंट के अनुसार भारतीय मूल के छात्रों की सालाना फीस 10,25,000 रुपये है, जबकि विदेशी छात्रों की फीस 12,81,000 है। जो छात्र स्कॉलरशिप परीक्षा पास कर लेंगे, उन्हें मुख्य प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 12000 से 36000 रुपये नहीं चुकाना होगा। द दून स्कूल के अधिकारियों के मुताबिक तीनों चरणों को पास करने वाले छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार स्कॉलरशिप दी जाएगी। किस छात्र को कितनी स्कॉलरशिप देनी है, ये फैसला स्कूल की कमेटी लेगी।