उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में आज नहीं होगा पूजा पाठ, बंद रहेगा मंदिर..जानिए वजह

आज नहीं होगा गंगोत्री धाम में पूजा पाठ, संपूर्ण गंगोत्री धाम आज रहेगा बंद, जान लीजिए कारण
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Gangotri dham pooja: Gangotri dham will be closed for one day in 1 November
Image: Gangotri dham will be closed for one day in 1 November

उत्तरकाशी: उत्तराखंड में जब से देवस्थानम बोर्ड आया है तब से ही चारों धाम के तीर्थ पुरोहित इस बोर्ड को भंग करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं मगर उसके बावजूद भी देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की ओर सरकार कोई भी कदम उठाती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश सरकार की ओर से देवस्थानम बोर्ड को भंग करने को लेकर कोई भी सकारात्मक कार्यवाही ना करने पर गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। यही कारण है कि धाम के कपाट बंद होने से पहले उन्होंने आज यानी कि सोमवार को संपूर्ण गंगोत्री धाम बंद रखने के साथ ही वहां पर किसी भी प्रकार का पूजा-पाठ ना करने का निर्णय लिया है। जी हां, गंगोत्री धाम के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने के साथ ही वहां के तीर्थ पुरोहितों ने किसी भी प्रकार की पूजा पाठ ना करने एवं जन आक्रोश रैली निकालने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें - केदारनाथ में पूर्व CM त्रिवेंद्र का घेराव, पुल से आगे बढ़ने नहीं दिया गया..देखिए वीडियो
बीते रविवार को गंगोत्री धाम में श्री पंच मंदिर गंगोत्री समिति, तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों तथा स्थानीय व्यापारियों की एक बैठक हुई जिसमें सभी ने देवस्थानम बोर्ड का पुरजोर विरोध किया और देवस्थानम बोर्ड को भंग ना करने पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि बीती 11 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ वार्ता हुई थी इसमें उन्होंने 30 अक्टूबर तक देवस्थान बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर निर्णय लेने की बात कही थी मगर अभी तक सरकार की ओर से कोई भी सख्त कार्यवाही इस ओर नहीं की गई है जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों ने 1 नवंबर यानी कि आज संपूर्ण गंगोत्री धाम बंद रखने का निर्णय लिया है इसमें गंगोत्री धाम के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान तो बंद रहेंगे ही मगर इसे के साथ में पूजा पाठ का कार्यक्रम भी नहीं होगा और सभी तीर्थ पुरोहित, मंदिर समिति के सदस्य एवं स्थानीय व्यापारी जन आक्रोश रैली निकालेंगे और देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।