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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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रुद्रप्रयाग: प्रदेश सरकार चारधाम देवस्थानम बोर्ड के जरिए उत्तराखंड के तीर्थस्थलों के विकास की बात कह रही है, लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है. तीर्थ पुरोहित बोर्ड के विरोध में 2019 से ही आंदोलन चल रहा है. खासकर कि इन दिनों चारों धामों में जबरदस्त विरोध हो रहा है. बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Devasthanam Board Subramanian Swamy) भी इसका विरोध करते रहे हैं और अब उन्होंने ट्वीट कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को देवस्थानम बोर्ड भंग न करने पर आगाह किया है. साथ ही धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की आशंका जताई है. आपको बता दें की उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि 'अब समय आ गया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आधिकारिक तौर पर उस अधिनियम को निरस्त करने के लिए विधानसभा का रुख करें, जिसे पहले चार धाम सहित सभी 52 मंदिरों को सरकार द्वारा अपने अधिकार में लेने के लिए पारित किया गया था. नहीं तो जल्द ही सरकार के खिलाफ आंदोलन हो सकता है.
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