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देहरादून: उत्तराखंड के लिए एक बुरी खबर खेल के मैदान से आई है। प्रदेश के पहले पिच क्यूरेटर मोहन सिंह (Uttarakhand first pitch curator Mohan Singh) नहीं रहे। उनकी अबू धाबी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार को जब अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच निर्णायक मैच होना था। ठीक उसी वक्त मोहन सिंह के निधन की खबर आई। जांच एजेंसियां भी सकते में हैं। हर किसी के मन में यही सवाल है कि इस पिच तैयार करने वाले एक्सपर्ट के साथ इतने बड़े मैच से पहले आखिर क्या हुआ। सवाल कई हैं, जिनका जवाब मिलना बाकी है। गढ़वाल के रहने वाले मोहन सिंह वर्ष 2004 से लगातार पिच क्यूरेटर के तौर पर कार्य कर रहे थे। पंजाब क्रिकेट स्टेडियम मोहाली में क्यूरेटर बनने के प्रशिक्षण के बाद सितंबर 2004 में मोहन अबूधाबी गए। वे 1994 से अबूधाबी में ग्राउंड सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत थे। मोहन सिंह पिछले 15 साल से अबूधाबी क्रिकेट का हिस्सा थे और शेख जायद स्टेडियम में क्यूरेटर की भूमिका में थे। उनकी मौत को लेकर कई सूचनाएं सामने आ रही हैं। आगे पढ़िए