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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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श्रीनगर गढ़वाल: हर मां-बाप का सपना होता है कि उनके बच्चे सफलता को प्राप्त करें। इसी आस में वे बच्चों पर खूब मेहनत करते हैं और अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। और जब परिवार से दूर इकलौता बेटा घर से बाहर निकलता (Garhwal Maletha Village Ashish Rana) है तो मां- बाप को उसकी चिंता सताती है। ऐसे में जब उनको पता लगे कि जब उनसे सैकड़ों मील दूर उनका बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है तो आखिर वो खबर सुनकर मां-बाप का क्या हाल होगा इसकी शायद हम कल्पना भी न कर सकें। जो बेटा उनकी आखिरी उम्मीद हो और उसी उम्मीद पर उनकी टिकी हो, उस उम्मीद के टूट जाने की खबर आए तो उनके दिल पर जो बीतेगी वो शब्दों में बयां नहीं हो सकती। ऐसा ही हाल हो रखा है टिहरी जनपद के कीर्ति नगर ब्लॉक के मलेथा गांव के आशीष राणा के परिवार का। आशीष के माता-पिता गरीब हैं। परिवार का पेट पालने के लिए वह थाईलैंड के बैंकॉक में काम करता है। यहां उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई है। वह बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। महज 25 वर्ष का आशीष कोमा में है।