होम्योपैथी के कारगर उपचार से उपजिला अस्पताल श्रीनगर में बिना ऑपरेशन के पेशाब की थैली से तीन बड़े आकार की पथरियां बाहर निकल गई-
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साक्षी बड़थ्वाल
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Image: Homeopathic treatment at Srinagar hospital removed stones from urine bags
श्रीनगर गढ़वाल: पथरी एक ऐसा दर्दनाक रोग है, जिससे आज देश के 100 परिवारों में से 80 परिवार पीड़ित है. सबसे दु:खद बात यह है कि इनमें से कुछ प्रतिशत रोगी ही इसका होम्योपैथी इलाज करवाते हैं और बाकी लोग जानकारी के अभाव में इस असहनीय पीड़ा को सहन करते रहते हैं. बेहद आम इस समस्या के होने के यूं तो कई कारण हैं. आमतौर पर मान लिया जाता है कि पथरी का इलाज सिर्फ ऑपरेशन कराना है, लेकिन कैसा हो अगर यह पथरी मरीज के शरीर से बिना ऑपरेशन के बाहर निकल जाए.. जी हां, होम्योपैथी के कारगर उपचार से उपजिला अस्पताल श्रीनगर में यह संभव हुआ, जबकि बेस अस्पताल के सर्जरी विभाग में दिखाने पर खंडाह निवासी 58 वर्षीया सुंदरी देवी को कह दिया गया था कि आपरेशन से ही यह पथरी बाहर निकाली जा सकती है. दरअसल खंडाह निवासी महिला रोगी सुंदरी देवी पेट में दर्द रहने के साथ ही पेशाब बार-बार आने की समस्या से जूझ रही थी. देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर अस्पतालों में चिकित्सकों को दिखाने और अल्ट्रासाउंड करने पर डाक्टरों ने पाया कि उनकी पेशाब की थैली में काफी बड़े-बड़े साइज की तीन पथरी हैं. हर अस्पताल के सर्जन ने आपरेशन से ही पथरी से निजात दिलाने की बात कही.
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लेकिन, महिला किसी भी स्थिति में आपरेशन नहीं करवाना चाहती थी. तभी उन्हें उपजिला अस्पताल श्रीनगर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डा. शैलेंद्र ममगाई के बारे में पता चला. इस दर्द से निजात पाने के लिए सुंदरी देवी संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ होम्योपैथी डॉक्टर शैलेंद्र ममगाई के पास पहुंचीं और अपनी समस्या बताई. ज्यादा देर ना करते हुए डॉक्टर ममगाई ने पहले उनका अल्ट्रासाउंड किया. अल्ट्रासाउंड में उनकी पेशाब की थैली में 40 एमएम की एक और 35-35 एमएम की तीन पथरियां मिलीं. जिसके बाद लक्षण के आधार पर डॉक्टर ममगाई ने उन्हें मदर टिंचर ओर डाई लुसन दवा का कॉकटेल दिया. इस दवाओं का सेवन करने के एक माह से पहले ही महिला के पेशाब की थैली से पथरी यूरिन के जरिए बाहर आ गई जिसके बाद अब मरीज चैन की सांस ले रहा है. वहीं, इस घटना के बाद एलोपैथ के जानकार भी हैरान हैं. संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ सजर्न डॉ. लोकेश सलूजा भी इसे चमत्कार जैसा मान रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस साइज की पथरी इस मामले में दवाई के जरिए निकली है. ऐसे मामलों को अधिकतर सर्जरी ही की जाती है.