जय बिष्टा को Uttarakhand Cricket Team का कप्तान बनाया गया है, उनके बल्ले से खूब रन निकले हैं, इसमें कोई शक नहीं ।
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Komal Negi
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Image: Question on Uttarakhand cricket team selection
देहरादून: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के मार्गदर्शन में प्रदेश की पुरुष-महिला Uttarakhand Cricket Team शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन पिछले दिनों सीएयू ने कुछ ऐसे डिसीजन भी लिए हैं, जिन पर अब सवाल उठने लगे हैं। मामला विजय हजारे टूर्नामेंट के लिए चुनी गई टीम से जुड़ा है। पिछले दिनों विजय हजारे टूर्नामेंट के लिए उत्तराखंड क्रिकेट टीम का चयन हुआ। सीएयू ने 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की। टीम की कमान जय बिष्टा को दी गई। जय बिष्टा के बल्ले से खूब रन निकले हैं, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हर टूर्नामेंट के बाद कप्तान बदलने की थ्योरी लोगों के गले नहीं उतर रही। बताया जा रहा है कि सीएयू कुणाल चंदेला को दबाव से मुक्त करना चाहती थी, ताकि वह वनडे में शानदार प्रदर्शन करें। इसलिए जय बिष्टा को टीम की कमान सौंप दी गई।
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साल 2021-2022 सीजन के लिए उत्तराखंड क्रिकेट टीम में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। जो कि अच्छी बात है, लेकिन कई अनुभवी खिलाड़ियों की अनदेखी कर दी गई। न तो अवनीश सुधा टीम का हिस्सा बने और न ही सौरभ रावत को वनडे टीम में जगह मिल सकी। दोनों ही खिलाड़ियों ने इससे पहले कई यादगार पारी खेली हैं। वनडे टूर्नामेंट से पहले आयोजित हुए ट्रायल मुकाबलों में भी दोनों का प्रदर्शन अच्छा रहा था। अवनीश सुधा 7 वनडे में 47.33 की औसत से 284 रन बना चुके हैं। उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला अक्टूबर 2019 में खेला था। इसके बाद उन्हें मौका नहीं मिला। इसी तरह वनडे में सौरभ रावत के बल्ले से 38.81 की औसत से 427 रन निकले हैं। पिछले सीजन के अंतिम वनडे मैच में सौरभ रावत ने दिल्ली के खिलाफ 23 गेंदों में 44 रन बनाए थे।
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उन्हें साल 2019 सीजन में वनडे का उपकप्तान भी नियुक्त किया गया था। अब ये दोनों ही खिलाड़ी टीम से बाहर हैं और इसकी वजह टी-20 में उनका खराब प्रदर्शन बताया जा रहा है, हालांकि वनडे टीम के चयन से पहले हुए ट्रायल मुकाबले में इनका प्रदर्शन अच्छा था। पीयूष जोशी और विजय जेठी को भी वनडे टीम में जगह नहीं मिली। क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि वनडे में दोनों ही खिलाड़ियों का औसत अच्छा था, ऐसे में टीम उनका अच्छा इस्तेमाल कर सकती थी। इसकी बजाय Uttarakhand Cricket Team में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए, जिनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। सीएयू का ये निर्णय चौंकाने वाला है। इसे लेकर सीएयू ने सफाई देते हुए कहा कि मौजूदा टूर्नामेंट में कुछ प्रयोग करने की कोशिश की गई है, इसलिए कप्तानी की जिम्मेदारी जय बिष्टा को दी गई है। वहीं टीम के दूसरे खिलाड़ी हमारी भविष्य की नीतियों में शामिल हैं।