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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हुई हिंसा उत्तराखंड को भी बड़ा जख्म दे गई। इस हिंसा में उत्तराखंड के जवान गौतम लाल शहीद हो गए। Martyr Gautam Lal सिर्फ 24 साल के थे। वो टिहरी जिले के हिसरियाखाल क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौली के नौसिला तोक के रहने वाले थे। मंगलवार को पैतृक घाट लक्षमोली में उनको सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सेना, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने उनको अंतिम सलामी दी। सेना के शहीद जवान गौतम लाल की अंतिम विदाई में सैकड़ों लोग उमड़े। शहीद गौतम के चचेरे व फुफेरे भाइयों ने गौतम को मुखाग्नि दी। इससे पूर्व शहीद की अंतिम यात्रा में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद गौतम के पिता रमेश लाल को बेटे के जाने का गम तो है, लेकिन बेटे की शहादत पर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने अपने दूसरे बेटे को भी सेना में भेजने की इच्छा जाहिर की है।
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