देवभूमि के दो आर्मी चीफ..दोनों का नाम ‘बिपिन’, दोनों के साथ जुड़ा दुर्योग..नमन इन वीरों को

ये दूसरा मौका है जब उत्तराखंड का एक और लाल CDS General Bipin Rawat आधे रास्ते में ही साथ छोड़कर अनंत यात्रा पर निकल गया।
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CDS General Bipin Rawat: Story of CDS General Bipin Rawat and General Bipin Chandra Joshi
Image: Story of CDS General Bipin Rawat and General Bipin Chandra Joshi

पौड़ी गढ़वाल: आघात, दुख, शोक, संताप....ये ऐसे शब्द हैं जो छोटे पड़ गए हैं। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन ने हर किसी को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। दुख को बयां करने के लिए शब्द नहीं है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के यूं चले जाने से हर देशवासी की आंखें नम हैं। खासकर हर उत्तराखंडवासी के लिए उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है, ऐसी क्षति जिसकी कभी भरपाई नहीं हो पाएगी। उत्तराखंड को ऐसे दुर्भाग्य का सामना दूसरी बार करना पड़ रहा है। ये दूसरा मौका है जब उत्तराखंड का एक और लाल ‘बिपिन’ आधे रास्ते में ही साथ छोड़कर अनंत यात्रा पर निकल गया। सीडीएस रावत से पहले जनरल बीसी जोशी का भी बीच कार्यकाल में निधन हो गया था। बीते दिन वो मनहूस खबर आई, जिसने हर देशवासी का सीना छलनी कर दिया। तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस बिपिन रावत की उनकी पत्नी और 11 अन्य अफसरों के साथ मौत हो गई। बता दें कि इससे पूर्व जनरल बिपिन चंद्र जोशी का भी थल सेनाध्यक्ष रहते हुए आकस्मिक निधन हुआ था। इत्तेफाक से दोनों के नाम बिपिन ही रहा।
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  • Army Chief General Bipin Chandra Joshi

    Story of CDS General Bipin Rawat and General Bipin Chandra Joshi
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    पूर्व आर्मी चीफ जनरल बिपिन चंद्र जोशी का जन्म 05 दिसम्बर 1935 को पिथौरागढ़ में हुआ था। जनरल जोशी अल्मोड़ा जिले के दन्या के मूल निवासी थे। जोशी थल सेनाध्यक्ष पद पर पहुंचने वाले उत्तराखंड के पहले सैन्य अधिकारी बने। वे भारतीय थल सेना के 17वें प्रमुख बने। लेकिन सेवाकाल के दौरान ही 18 नवम्बर 1994 को उनका नई दिल्ली के मिलिट्री हॉस्पिटल में आकस्मिक निधन हो गया। तब वो 58 वर्ष के थे। इस तरह उनका सेवा काल अभी करीब एक साल बचा हुआ था। आर्मी चीफ बनने से पहले बिपिन चंद्र जोशी डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) और जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (दक्षिणी कमान) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके थे।

  • CDS General Bipin Rawat

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    अब सीडीएस बिपिन रावत के निधन से सशस्त्र सेनाओं के शिखर पर पहुंचे उत्तराखंड के दोनों बेटों का सेवा के दौरान निधन होने का दुखद दुर्योग बन गया है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।