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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: समूचा भारत शोक की लहर में डूबा हुआ है। कल भारत के एक ऐसा जाबांज जिसके कंधे पर भारत की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी वह हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह कर चला गया। आज पूरे देश की आंखें नम हैं। जनरल बिपिन रावत बीते दिन प्लेन क्रैश का शिकार हो गए। आज हमने एक सिपाही, एक सैन्य अधिकारी, एक पिता,एक देशभक्त को खो दिया। सीडीएस बिपिन रावत अब हमारे बीच नहीं हैं। एक पल को यूं लगा कि वे ठीक हो जाएंगे, लौट आएंगे हर बार की तरह भारत की सुरक्षा के लिए। मगर किस्मत को कुछ और मंजूर था। भारत देश का एक ऐसा महत्वपूर्ण अंश जिसकी मृत्यु पर हर कोई शोक मना रहा है, वहीं कुछ ऐसे बेशर्म और बैगरत लोग भी हैं जो कि उनकी मौत पर हंस रहे हैं। अफसोस इस बात का है जब पूरा देश उनके असमय निधन पर शोक मना रहा है। उस वक्त कुछ ऐसे लोग हैं जो मौत पर भी जश्न मना रहे हैं। कर्म का ज्ञान दे रहे हैं। ये और कोई नहीं बल्कि एक पूर्व कर्नल बलजीत बख्शी हैं.. आगे पढ़िए
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